मैंने 2010 में अपना शरीर दान करने का फैसला किया: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

मैंने 2010 में अपना शरीर दान करने का फैसला किया: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

मैंने 2010 में अपना शरीर दान करने का फैसला किया: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
Modified Date: February 26, 2026 / 08:59 pm IST
Published Date: February 26, 2026 8:59 pm IST

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को बताया कि 2010 में उन्होंने और उनके पति ने अपना शरीर दान करने का फैसला किया था।

राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नॉट्टो) की तर्ज पर दिल्ली में भी राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोट्टो) का उनकी सरकार ने गठन किया है और पिछले साल सितंबर से अब तक 800 से अधिक लोग इस मंच पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, गुप्ता ने कहा कि अब भी इस क्षेत्र में व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी ‘वरदान’ फिल्म महोत्सव में की।

इस महोत्सव का उद्देश्य मानवता की सेवा और अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाना है।

उन्होंने कहा, “अंगदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा उपहार है। एक व्यक्ति का लिया गया संकल्प अनेक परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण ला सकता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान और देहदान जैसे संवेदनशील विषय पर कला और सिनेमा के माध्यम से समाज को जागरूक करना अत्यंत प्रेरणादायक और सराहनीय प्रयास है।

गुप्ता ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नई सोच का संचार करते हैं और मानवता के प्रति सेवा एवं समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं।

दधीचि देहदान समिति द्वारा आयोजित इस महोत्सव में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा समेत कई अन्य लोग मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है और यह जीवन के बाद भी जीवन देने का सबसे पवित्र माध्यम है।

भाषा नोमान नोमान रंजन

रंजन


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