नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आई-पैक के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को धनशोधन के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद 10 दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदेल को राज्य में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मामले में सोमवार देर शाम गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों ने बताया कि भोपाल स्थित राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू) से स्नातक चंदेल को पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया और सोमवार देर रात विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि अदालत ने चंदेल को ईडी की 10 दिन की हिरासत में भेज दिया।
इस मामले में आई-पैक की ओर से अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है।
निदेशालय ने दिल्ली में चंदेल के परिसर के अलावा, बेंगलुरु में आई-पैक के एक अन्य सह-संस्थापक एवं निदेशक ऋषि राज सिंह के परिसर और मुंबई में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर के परिसर पर दो अप्रैल को छापा मारा था।
आई-पैक 2021 से तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान कर रही है।
तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार रात इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि चंदेल की गिरफ्तारी से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।
बनर्जी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘पश्चिम बंगाल चुनाव से महज 10 दिन पहले आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी सिर्फ चिंताजनक नहीं है, बल्कि यह समान अवसर वाला चुनावी माहौल प्रदान करने की अवधारणा को भी झकझोरती है।’’
ईडी ने इस मामले में आठ जनवरी को आई-पैक के कार्यालय और इसके संस्थापक एवं निदेशकों में शामिल प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इसके बाद तब विवाद शुरू हो गया था जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गईं और दस्तावेज अपने साथ ले गई थीं।
निदेशालय ने आरोप लगाया था कि कोलकाता में आई-पैक और जैन के खिलाफ उसकी छापेमारी की कार्रवाई में बनर्जी ने ‘‘बाधा’’ डाली और संबंधित दस्तावेज एवं उपकरण मुख्यमंत्री तथा राज्य प्रशासन ने जबरन अपने कब्जे में ले लिए।
मुख्यमंत्री और तृणमूल ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि प्रवर्तन निदेशालय विधानसभा चुनाव से ठीक पहले छापा मारकर आई-पैक परिसर से चुनावी रणनीति से संबंधित दस्तावेज लेने की कोशिश कर रहा था।
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा।
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सिम्मी वैभव
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