आई-पैक छापेमारी: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ‘हस्तक्षेप’ के खिलाफ ईडी ने किया उच्चतम न्यायालय का रुख

आई-पैक छापेमारी: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ‘हस्तक्षेप’ के खिलाफ ईडी ने किया उच्चतम न्यायालय का रुख

आई-पैक छापेमारी: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ‘हस्तक्षेप’ के खिलाफ ईडी ने किया उच्चतम न्यायालय का रुख
Modified Date: January 11, 2026 / 03:43 pm IST
Published Date: January 11, 2026 3:43 pm IST

नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला घोटाले से जुड़े मामले में राजनीतिक सलाहकार फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर की गई छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार, खासकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हस्तक्षेप करने और बाधा डालने का आरोप लगाते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।

वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने भी शीर्ष अदालत में एक ‘कैविएट’ याचिका दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि ईडी की छापेमारी से जुड़े मामले में सरकार का पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए।

कोई पक्ष यह सुनिश्चित करने के लिए कैविएट याचिका दायर करता है कि उसका पक्ष सुने बिना कोई प्रतिकूल आदेश न दिया जाए।

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ईडी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री छापेमारी स्थलों पर पहुंचीं और आई-पैक के परिसरों से कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण समेत महत्वपूर्ण सबूत अपने साथ ले गईं तथा जांच में बाधा डाली।

जांच एजेंसी का कहना है कि छापेमारी स्थल पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी और कथित तौर पर दस्तावेज हटाए जाने से अधिकारियों पर दबाव पड़ा और एजेंसी की स्वतंत्र रूप से अपने वैधानिक दायित्व निभाने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई।

ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने बार-बार जांच में अवरोध डाला और सहयोग न करने का रवैया अपनाया। एजेंसी ने इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से स्वतंत्र जांच कराने का निर्देश देने की मांग की है। ईडी ने कहा कि राज्य सरकार के कथित हस्तक्षेप को देखते हुए किसी निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना जरूरी है।

सूत्रों के अनुसार, ईडी की याचिका पर सोमवार को तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया जा सकता है।

उच्चतम न्यायालय का रुख करने से पहले, ईडी ने नौ जनवरी को कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री ने पुलिस की मदद से प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी के दौरान एजेंसी से संबंधित दस्तावेज ले लिए। हालांकि, अदालत में गहमागहमी के कारण सुनवाई टाल दी गई और अब इस याचिका पर 14 जनवरी को सुनवाई होगी।

आठ जनवरी को एजेंसी ने करोड़ों रुपये के कथित कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में आई-पैक और उसके निदेशक के ठिकानों पर छापे मारे थे।

छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ आई-पैक कार्यालय पहुंचीं, ईडी अधिकारियों का सामना किया और कथित तौर पर वहां से दस्तावेज ले गईं। बनर्जी ने इस कार्रवाई को केंद्रीय एजेंसी की दखलअंदाजी करार दिया है।

इस बीच, पश्चिम बंगाल पुलिस ने भी ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सत्तारूढ़ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने ईडी के आरोपों से इनकार किया है और छापेमारी के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है।

टीएमसी का आरोप है कि पार्टी की चुनावी सलाहकार आई-पैक के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का मकसद गोपनीय चुनावी रणनीति के बारे में जानकारी हासिल करना है। पार्टी का कहना है कि यह कदम किसी वास्तविक जांच के बजाय उसकी चुनावी तैयारियों को बाधित करने के लिए उठाया गया है।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप


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