बेंगलुरु, 30 अगस्त (भाषा) कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
इसके बाद उन्हें प्रथम अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आवास पर उनके सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बाद में उन्हें परप्पना अग्रहारा जेल ले जाया गया।
सूत्रों के अनुसार, न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी गंगवार को सोमवार को अदालत में पेश किया जाए।
सीआईडी उनकी हिरासत की मांग कर सकती है।
इससे पहले सीआईडी अधिकारियों ने शुक्रवार और शनिवार को गंगवार से पूछताछ की। वह जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए जारी नोटिस के जवाब में पहुंचे थे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गंगवार से पूछताछ इसलिए की जा रही थी क्योंकि वह फरवरी 2024 से मार्च 2026 तक कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में परीक्षा नियंत्रक पद पर तैनात थे।
उन्होंने बताया कि जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप में उन्हें हिरासत में लिया गया। 2016 बैच के आईएएस अधिकारी गंगवार फिलहाल उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
सीआईडी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। इसमें परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और ओएमआर शीट के रखरखाव तथा इसमें शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी आगे की जांच के लिए गंगवार को संबंधित अदालत में पेश कर उनकी हिरासत की मांग कर सकती है।
हाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से केपीएससी में कथित अनियमितताओं के संबंध में छापेमारी किए जाने के बाद अधिकारी के पता-ठिकाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
इसके बाद राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा था कि गंगवार ने उन्हें सूचित किया था कि वह अपने पिता की तबीयत से जुड़ी आपात स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश स्थित अपने पैतृक गांव गए थे।
इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने भी इस अधिकारी से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था।
अधिकारियों के अनुसार, केपीएससी से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में सीआईडी और ईडी द्वारा अलग-अलग जांच की जा रही है।
भाषा जोहेब अविनाश
अविनाश