ओरछा, 30 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करीब 14 साल बाद मध्यप्रदेश के ओरछा में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बुंदेलखंड के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया।
पार्टी ने केन-बेतवा लिंक परियोजना को क्षेत्र की भावी जीवनरेखा बताते हुए कांग्रेस पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विरोध करने का आरोप लगाया।
दो दिवसीय कार्यसमिति बैठक के पहले दिन पारित राजनीतिक प्रस्ताव में बुंदेलखंड के विकास के साथ-साथ जनजातीय वर्ग के उत्थान, युवाओं, किसानों, महिलाओं, उद्योगों के विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि बुंदेलखंड का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल, कृषि, बिजली उत्पादन, रोजगार और आर्थिक समृद्धि के नए अवसर सृजित होंगे।
कोठारी ने इसे बुंदेलखंड की ‘जीवनरेखा’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण परियोजना का विरोध किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की मानसिकता हमेशा विकास विरोधी रही है।
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सिद्धांत पर काम करती है और हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के राजनीतिक प्रस्ताव में केन-बेतवा परियोजना के विरोध को लेकर कांग्रेस की आलोचना की गई है।
कोठारी ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के सात और मध्यप्रदेश के छह जिले शामिल हैं।
मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में छतरपुर, सागर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह और दतिया जिले आते हैं, जहां कुल 30 विधानसभा क्षेत्र हैं।
उन्होंने बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग से जुड़े सवाल पर कहा कि भाजपा क्षेत्र के विकास को लेकर लगातार काम कर रही है और हर क्षेत्र एवं वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने में विश्वास रखती है।
कोठारी ने कहा कि रामराजा सरकार की नगरी ओरछा से भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति ने सेवा, सुशासन, सामाजिक समरसता और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है।
कोठारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है और कृषि क्षेत्र के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
भाजपा नेता ने बताया कि किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से 84 लाख किसानों को करीब एक लाख करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार वर्ष 2028-29 तक सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
भाषा ब्रजेन्द्र जितेंद्र
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