नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को ‘‘आर्थिक वसंत’’ नहीं कहा जा सकता और यदि अर्थव्यवस्था वास्तव में फल-फूल रही है तो इसका लाभ रोजगार और समृद्धि के रूप में लोगों तक क्यों नहीं पहुंच रहा है।
देश की अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘‘निराशावादियों की हार हुई और भारत एक बार फिर फला-फूला।’’
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि कोई आर्थिक वसंत नहीं है। यदि भारत वास्तव में ‘फला-फूला’ है, तो व्यापक बेरोजगारी, परीक्षा प्रश्नपत्रों का लीक होना और चरमराती शिक्षा व्यवस्था जमीनी हकीकत को क्यों परिभाषित कर रहे हैं?’’
उन्होंने कहा, ‘‘देश की समृद्धि उसके नागरिकों की समृद्धि में क्यों नहीं बदल रही है?’’
खेड़ा ने कहा, ‘‘जीडीपी राष्ट्रीय उत्पादन को मापती है, नौकरियों, वेतन या अवसरों को नहीं। यदि यह इनमें से किसी को मापती, तो भारत के युवाओं का भविष्य इतना निराशाजनक नहीं दिखता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ कर सकते हैं। लेकिन भारत के युवाओं के लिए सवाल अब भी वही है : नौकरियां कहां हैं?’’
भाषा हक माधव अविनाश
अविनाश