सत्ता को लेकर खींचतान खत्म नहीं करा पा रहे हैं तो सिद्धरमैया इस्तीफा दें, चुनाव की घोषणा करें: भाजपा
सत्ता को लेकर खींचतान खत्म नहीं करा पा रहे हैं तो सिद्धरमैया इस्तीफा दें, चुनाव की घोषणा करें: भाजपा
बेंगलुरु, 26 नवंबर (भाषा) कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को संकेत दिया कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को इस्तीफा दे देना चाहिए और चुनाव की घोषणा करनी चाहिए यदि उनकी पार्टी उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के साथ सत्ता को लेकर जारी खींचतान खत्म नहीं करा पा रही है।
मुख्यमंत्री और शिवकुमार के बीच खींचतान के मद्देनजर भाजपा ने कहा कि यह मुद्दा संकटग्रस्त लोगों, खासकर किसानों को प्रभावित कर रहा है, जो पिछले एक महीने से आंदोलन पर हैं। भाजपा ने कहा कि उनकी समस्या का अभी तक समाधान नहीं हुआ है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस को 8 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के लिए इस स्पष्टता के साथ बेलगावी आना चाहिए कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘जब किसान संकट में हैं और राज्य सरकार से जवाब और मुआवज़ा मांग रहे हैं, तो उन्हें (कांग्रेस को) किसानों के लिए उचित मुआवजा पैकेज के साथ बेलगावी आना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘उन्हें सत्र स्थगित कर देना चाहिए या अगर वे स्थिति को संभालने में असमर्थ हैं, तो इस्तीफा दे दें और चुनाव की घोषणा कर दें।’
शिकारीपुरा से विधायक ने कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के भीतर अंदरूनी कलह जारी है और यह कोई छिपी बात नहीं है कि पिछले एक महीने से कैबिनेट मंत्री और विधायक कर्नाटक की बजाय नयी दिल्ली में अधिक समय बिता रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि सिद्धरमैया और शिवकुमार भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मिलने का समय लेने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जो पांच दशकों के अनुभवी नेता हैं, असहाय दिखाई दिए और कहा कि केवल राहुल गांधी को ही इस पर फैसला लेना है।
भाजपा ने मखौल उड़ाते हुए कहा कि इस बार बेलगावी के बजाय दिल्ली में विधानसभा सत्र आयोजित करना उचित होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री द्वारा बेलगावी के बजाय दिल्ली में विधानसभा सत्र आयोजित करने का निर्णय लेना उचित है, क्योंकि पूरा मंत्रिमंडल दिल्ली में डेरा डाले हुए है। बेलगावी में सत्र आयोजित करने का क्या मतलब है?’
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सत्ता संघर्ष के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है और प्रशासन चरमरा गया है। उन्होंने कहा कि मीडिया और विपक्षी दल पर दोषारोपण करने के बजाय, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को अपने घर को ठीक करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस में जारी घटनाक्रम से चिंतित नहीं है। विजयेंद्र ने कहा, ‘हमें इसकी परवाह नहीं है कि सिद्धरमैया पद पर बने रहेंगे या उन्हें बदल दिया जाएगा। भाजपा की एकमात्र चिंता राज्य की स्थिति है। किसान पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को इस मुद्दे का समाधान करना चाहिए।’
भाषा अमित संतोष
संतोष

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