‘जेन जेड’ का भरोसा जीतना है तो प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदला होगा: प्रियंका
‘जेन जेड’ का भरोसा जीतना है तो प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदला होगा: प्रियंका
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया ‘इंस्टाग्राम’ वीडियो को लेकर मंगलवार को लोकसभा में उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि सरकार को ‘जेन जेड’ का भरोसा जीतना है तो उन्हें ‘कैमरे का एंगल’ नहीं, बल्कि ‘दिल का एंगल’ भी बदलना पड़ेगा।
उन्होंने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इसका जवाब देना चाहिए कि किसके आदेश पर छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।
प्रियंका गांधी ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का उल्लेख किया और कहा कि लड़के और लड़कियों की पीठ पर पड़ने वाली हर लाठी सरकार की पीठ पर पड़ी है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज हम सदन में एक ऐसे विधेयक में संशोधन पर चर्चा कर रहे हैं, जो 2024 में पारित हो चुका था। इसमें मुख्य संशोधन यही है कि पेपर लीक के अपराधियों के लिए सजा बढ़ाई जाएगी, लेकिन जब से यह विधेयक पारित हुआ है सरकार ने एक भी अपराधी को सजा नहीं दी।’’
उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि ‘फेस रिकगनिशन’ के जरिए, प्रदर्शन करने वाले बच्चों के नाम सार्वजनिक किए जा रहे हैं, लेकिन यही काम प्रश्नपत्र लीक के अपराधियों के लिए नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदलने चाहिए क्योंकि वह असलियत से बहुत दूर हो चुके हैं। उन्हें समझना होगा कि सिर्फ नयी-नयी समितियां बनाने से काम नहीं चलेगा। राधाकृष्णन समिति की आज तक एक भी सिफारिश लागू नहीं हुई है। वहीं, नयी समिति में एक पूर्व आईबी प्रमुख, एक आईटी कंपनी के मालिक और एक गौ-मूत्र विशेषज्ञ भी हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले शर्मनाक परिस्थितियों में (तत्कालीन) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। लेकिन कल जब वह संसद पहुंचे तो भाजपा सांसदों ने उनका ऐसा स्वागत किया, जैसे कोई सुपरस्टार आया हो। जब ये सब हो रहा था, तो महाराष्ट्र में एक परिवार पेपर लीक पीड़ित बेटी की आत्महत्या का शोक मना रहा था।’’
प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि आखिर सरकार को किस बात का गर्व और अहंकार है?
उन्होंने दावा किया, ‘‘देश के युवाओं का भरोसा इस पूरे सिस्टम से टूट चुका है। इस भरोसे को फिर से कायम करने के लिए सिस्टम के अंदर से जवाब नहीं ढूंढा जा सकता। सिस्टम के दायरे से बाहर निकलना पड़ता है, ठोस प्रयास करने पड़ते हैं।’’
प्रियंका गांधी का कहना था कि अफसोस है कि मोदी सरकार ये बात समझ नहीं पा रही और उसे अभी भी लगता है कि ‘पीआर’ और अपनी मनमाफिक मीडिया के सहारे उनकी नैय्या पार हो जाएगी।
प्रियंका ने कहा कि देश की जनता सरकार से जवाबदेही मांग रही है, लेकिन उसे जवाब नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘संसद में विपक्ष को दोषी ठहराने से, खोखले राजनीतिक खेल खेलने से काम नहीं चलेगा। अगर प्रधानमंत्री को ‘जेन जेड’ का भरोसा फिर से जीतना है तो नए-नए वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री को अपने कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा।’’
कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि यह नयी पीढ़ी जागरूक है और इनमें झूठ पहचानने की अपार क्षमता है।
उनका कहना था कि सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए कि युवाओं के साथ घोर अन्याय हुआ है।
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘इस सच को स्वीकार कीजिए, जिम्मेदारी लीजिए, ठोस कदम उठाइए और विशेषज्ञों से बातचीत कर नयी शिक्षा प्रणाली तैयार कीजिए।’’
प्रियंका गांधी ने सरकार पर कटाक्ष जारी रखते हुए कहा, ‘‘मुझे सरकार से सिर्फ इतना ही कहना है कि अपनी साख बचाइए, नीयत ठीक करिए, अकड़ का इलाज कीजिए और अपने वादों पर अमल कीजिए, क्योंकि हमने इस सरकार में बड़ी-बड़ी चोरियां देखी हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि चुनावों में वोट चोरी, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, किसानों की जमीन की चोरी और उद्योगपतियों द्वारा देश की संपत्तियों की चोरी हुई, लेकिन सबसे बड़ी चोरी तब हुई, जब देश के युवाओं का भविष्य और उनके सपने चुराए गए।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर देश का युवा निराश हो गया, उसकी उम्मीद टूट गई तो सबसे बड़ी हार भारत की होगी। हम जान दे देंगे, लेकिन भारत की हार नहीं होने देंगे।’’
उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर किये गए बल प्रयोग का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि आंसू गैस के गोले छोड़ने, लाठीचार्ज करने और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए।
केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य ने कहा कि यह देश ‘‘सांसदों की जागीर नहीं, बल्कि जनता की अमानत’’ है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता के सवालों का जवाब दे।
प्रियंका गांधी ने दावा किया कि आज युवाओं को लगने लगा है कि मेहनत से ज्यादा बेईमानी मायने रखती है।
प्रियंका गांधी ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुई लड़की की मां से मुलाकात का उल्लेख किया और कहा कि परिवारों पर भी भारी दबाव है और उन्हें कर्ज लेना पड़ता है, उसके बावजूद बच्चों के अच्छे भविष्य की कोई गारंटी नहीं रह गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज देश का एग्जाम सिस्टम फेल हो चुका है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘10 साल में 152 पेपर लीक हुए और 7.5 करोड़ छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया, लेकिन एक भी माफिया को सजा नहीं हुई…जहां हमारा शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, वहीं सरकार चंद अरबपतियों का 16 लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर देती है, जो दिखाता है कि सरकार की प्राथमिकता क्या है?’’
कांग्रेस महासचिव ने बिलकीस बानो मामले में दोषियों को जमानत मिलने से संबंधित एक अखबार में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए लोकसभा में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर कुछ टिप्पणी की थी, जिसे कार्यवाही से हटा दिया गया।
इसपर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नये शिक्षा मंत्री के संबंध में की गई टिप्पणी चरित्र हनन है और बिना सत्यापन के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रियंका गांधी अपने आरोपों को सत्यापित नहीं कर सकतीं तो उन्हें सदन से क्षमा मांगनी चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह की बातें सदन में नहीं कही जानी चाहिए।
वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाद्रा इस तरह कोई भी आरोप लगाकर बच नहीं सकतीं।
उन्होंने मांग की कि कांग्रेस सांसद सदन से माफी मांगें और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
भाषा हक हक सुभाष
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