शिमला, 29 जून (भाषा) शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) प्रशासन ने उन हालिया खबरों को ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ बताते हुए खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि अस्पताल के ‘डी ब्लॉक’ में लिफ्ट खराब होने के कारण मरीजों को कंधों पर ले जाया जा रहा था। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) डॉ. राहुल राव ने कहा कि राज्य का यह सबसे पुराना और अग्रणी अस्पताल मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इन खबरों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए राव ने कहा कि 27 जून को दोपहर करीब 12:00 बजे ‘डी ब्लॉक’ में लिफ्ट के जरिए एक मरीज को ले जाया जा रहा था, तभी मरीज के तीमारदारों ने कथित तौर पर ऑक्सीजन सिलेंडर लदे स्ट्रेचर को लिफ्ट के दरवाजे से जोर से टकरा दिया, जिससे उसमें अस्थायी तकनीकी खराबी आ गई।
चिकित्सा अधीक्षक ने कहा, ‘जैसे ही इस खराबी का पता चला, लोक निर्माण विभाग (विद्युत शाखा) के तकनीकी कर्मचारियों ने तुरंत मरम्मत का काम शुरू किया और उसी दिन शाम करीब 4:00 बजे तक लिफ्ट को ठीक करके दोबारा चालू कर दिया गया। इस अवधि के दौरान, मरीजों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं उपलब्ध थीं।’
भाषा सुमित नरेश
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