आईआईटी संकाय सदस्यों को भावी निदेशक की भूमिका के लिये तैयार करने के वास्ते मिलेगा प्रशिक्षण

आईआईटी संकाय सदस्यों को भावी निदेशक की भूमिका के लिये तैयार करने के वास्ते मिलेगा प्रशिक्षण

आईआईटी संकाय सदस्यों को भावी निदेशक की भूमिका के लिये तैयार करने के वास्ते मिलेगा प्रशिक्षण
Modified Date: January 12, 2026 / 04:32 pm IST
Published Date: January 12, 2026 4:32 pm IST

(गुंजन शर्मा)

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के प्रतिभावान संकाय सदस्यों (अध्यापकों) को भविष्य में इन संस्थानों के निदेशक पद के लिए तराशने के उद्देश्य से जल्द ही दो साल का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व आईआईटी (बंबई) करेगा और सभी आईआईटी को इसके लिए उच्च प्रदर्शन करने वाले, उत्कृष्ट शैक्षणिक और अनुसंधान योग्यताओं वाले अध्यापकों को नामित करना होगा।

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इस घटनाक्रम से परिचित अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सरकार आईआईटी के निदेशक पद के लिए प्रतिष्ठित शिक्षाविदों को तराशने पर विचार कर रही है और इस कार्यक्रम के लिए आईआईएम से भी सहयोग मांग सकती है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘अंदरूनी चर्चा के आधार पर, यह अनुशंसा की गई है कि आईआईटी के लगभग 300-350 सबसे प्रतिभावान अध्यापकों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के साथ एक नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाए, जिसमें प्रति वर्ष एक सप्ताह के तीन मॉड्यूल के साथ द्विवर्षीय कार्यक्रम तैयार किया जाए।’’

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आईआईटी से केवल उच्च प्रदर्शन करने वाले और उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं अनुसंधान योग्यताओं वाले अध्यापकों को ही नामित करने के लिए कहा जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कार्यक्रम की संरचना का मसौदा और चयन के व्यापक मानदंड तैयार कर लिए गए हैं। कार्यक्रम का नेतृत्व करने और इसे लागू करने के लिए एक टीम गठित करने का जिम्मा आईआईटी बंबई को सौंपा गया है। कार्यक्रम के लिए आईआईएम से भी सहयोग मांगा जा सकता है।’’

योजना के मुताबिक प्रत्येक बैच को दो वर्षों तक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा सकता है। चयन के व्यापक मानदंड में उत्कृष्ट अकादमिक और अनुसंधान योग्यता, छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से छात्र विकास के प्रति गहरी प्रतिबद्धता और सहयोग को महत्व देने वाली रणनीतिक सोच पर जोर दिया जाएगा।

आईआईटी में निदेशक संस्थान के प्रमुख शैक्षणिक और कार्यकारी अधिकारी होते हैं तथा संस्थान के उचित प्रशासन, शिक्षण प्रदान करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

आईआईटी निदेशकों की नियुक्ति एक कठोर, बहु-स्तरीय प्रक्रिया के माध्यम से की जाती है जिसमें सार्वजनिक विज्ञापन, उम्मीदवारों का मूल्यांकन करने वाली एक खोज-सह-चयन समिति (एससीएससी) और विजिटर (भारत के राष्ट्रपति) द्वारा अंतिम अनुमोदन शामिल है। साथ ही आईआईटी परिषद और शिक्षा मंत्रालय द्वारा सिफारिशें भी भेजी जाती हैं।

भाषा राजकुमार प्रशांत

प्रशांत


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