अवैध मिट्टी खनन: केरल सतर्कता विभाग ने पाया कि अधिकारियों ने 4.69 लाख रुपये की रिश्वत ली

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अवैध मिट्टी खनन: केरल सतर्कता विभाग ने पाया कि अधिकारियों ने 4.69 लाख रुपये की रिश्वत ली

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  • Publish Date - April 21, 2026 / 02:18 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 02:18 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 21 अप्रैल (भाषा) केरल में अवैध मिट्टी खनन और परिवहन की राज्यव्यापी सतर्कता जांच में पाया गया है कि विभिन्न विभागों के 14 अधिकारियों ने कथित तौर पर यूपीआई लेनदेन के माध्यम से मिट्टी ठेकेदारों और आवेदकों से कुल 4.69 लाख रुपये की रिश्वत ली।

मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 20 अप्रैल को ‘ऑपरेशन अर्थ गार्ड’ के तहत किए गए निरीक्षणों में सभी 14 जिला खनन और भूविज्ञान कार्यालय, चुनिंदा स्थानीय स्व-सरकारी संस्थानों के 72 कार्यालय और संदिग्ध उल्लंघनों के लिए चिह्नित 360 स्थान शामिल थे।

व्यापक अनियमितताओं के बारे में खुफिया जानकारी के आधार पर, सतर्कता विभाग ने अचानक निरीक्षण किया और गंभीर उल्लंघन पाए, जिनमें अनुमत सीमा से अधिक मिट्टी निकालना और अवैध खुदाई के लिए भवन निर्माण परमिट का दुरुपयोग करना शामिल है।

कई मामलों में, भूस्वामियों ने निर्माण के लिए परमिट प्राप्त कर लिए, बड़ी मात्रा में मिट्टी हटवाई, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने में विफल रहे।

कुछ मामलों में, बड़े पैमाने पर मिट्टी हटवाने के बाद भूमि में बदलाव किया गया और बाद में उसे निर्माण स्थलों के रूप में बेच दिया गया।

जांच में विकास एवं भवन निर्माण परमिटों की आड़ में अवैध रूप से मिट्टी खनन और परिवहन में लगे संगठित समूहों की संलिप्तता भी सामने आई।

सतर्कता विभाग के अनुसार, खनन एवं भूविज्ञान विभागों और स्थानीय निकायों के अधिकारी कथित तौर पर रिश्वत लेने या अनुचित प्रभाव के कारण उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप रॉयल्टी और जुर्माने के रूप में सरकारी राजस्व का भारी नुकसान हुआ।

बयान में कहा गया है कि सतर्कता निदेशक मनोज अब्राहम, आईपीएस ने लोगों से टोल-मुक्त नंबर और अन्य आधिकारिक हेल्पलाइन के माध्यम से भ्रष्टाचार की सूचना देने का आग्रह किया है।

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा