महिला सांसदों ने कहा: आरक्षण लागू होने से महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी

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महिला सांसदों ने कहा: आरक्षण लागू होने से महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 01:28 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 01:28 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) महिला सांसदों ने महिला आरक्षण कानून में संशोधन तथा जल्द लागू करने की केंद्र सरकार की योजना का स्वागत करते हुए मंगलवार को कहा कि इस कदम से शासन में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी।

जनता दल (यू) की सांसद लवली आनंद ने इसे ‘‘स्वागतयोग्य कदम’’ बताया और कहा कि राजनीति में महिलाओं की अधिक भागीदारी से देश की प्रगति में तेजी आएगी।

उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह एक बहुत ही स्वागत योग्य और सराहनीय कदम है। जब महिलाएं आगे आएंगी, तभी देश प्रगति करेगा। पुरुष और महिलाएं एक गाड़ी के दो पहियों की तरह हैं। प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री दोनों ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया है।’’

लवली आनंद का कहना था, ‘‘आज महिलाएं हर क्षेत्र में काम कर रही हैं। जब महिलाएं बड़ी संख्या में मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश करेंगी, तो देश और भी तेजी से प्रगति करेगा। दोनों ने आधी आबादी के साथ न्याय किया है और इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं।’’

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि महिला आरक्षण कानून के पारित होने से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की ‘‘आधी आबादी’’ से किया गया एक पुराना वादा पूरा हो गया है।

सहरावत ने कहा, ‘‘इस देश में कई लोगों ने महिलाओं के बारे में बात की है, लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाने का प्रयास और ऐसा करने में सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री को जाता है।’’

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने भी इस पहल का स्वागत किया, लेकिन कहा कि आरक्षण कैसे लागू किया जाएगा, इस पर स्पष्टता की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हमारे देश में महिलाओं के लिए आरक्षण हो, लेकिन इसे कैसे लागू किया जाएगा, आरक्षण के मानदंड क्या होंगे, यह सब देखने की जरूरत है।’’

सूत्रों ने सोमवार को कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए संसद के चालू बजट सत्र में दो विधेयक लाने की ‘‘इच्छुक’’ है कि लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के लिए परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से पहले महिला आरक्षण कानून लागू किया जाए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम सहमति बनाने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुछ घटक दलों और विपक्ष के कुछ क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।

सूत्रों ने कहा कि अगर आम सहमति बन जाती है तो दोनों विधेयक इस सप्ताह लाए जा सकते हैं।

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान के लिए 2023 में संविधान संशोधन विधेयक पारित किया गया था, हालांकि उसे परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जा सकता है। इस कानून को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से जाना जाता है।

सूत्रों का कहना है कि जिस रूपरेखा को लेकर चर्चा जारी है, उसके अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

भाषा हक

हक वैभव

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