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कोलकाता, 24 मार्च (भाषा) भारत के सबसे पुराने अर्द्धसैन्य बलों में से एक असम राइफल्स ने मंगलवार को अपना 191वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने शिलांग स्थित युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि मेघालय की राजधानी में मुख्यालय वाली ‘पूर्वोत्तर की प्रहरी संस्था’ इस क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता का एक स्तंभ है।
उन्होंने बताया कि लखेरा ने असम राइफल्स के कर्मियों के साथ शिलांग में युद्ध स्मारक पर उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने कर्तव्य की राह में सर्वोच्च बलिदान दिया।
कर्मियों को संबोधित करते हुए महानिदेशक ने पूर्वोत्तर और जम्मू कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियानों में उत्कृष्ट योगदान के लिए जवानों की सराहना की।
रक्षा अधिकारी ने कहा, ‘‘अर्द्धसैन्य बल ने 2025-26 के दौरान असाधारण परिचालन उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है’’, और इसके सम्मान में असम राइफल्स की तीन बटालियन को सेना प्रमुख इकाई प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि सेना की चार बटालियन को जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया, जबकि ‘8वीं असम राइफल्स’ बटालियन को सेना दिवस 2026 पर ‘बहादुरों में सबसे बहादुर’ का प्रतिष्ठित खिताब प्रदान किया गया।
उन्होंने कहा कि अर्द्धसैन्य बल ने अत्याधुनिक हथियारों, निगरानी प्रणालियों और सुरक्षा उपकरणों को शामिल करते हुए लगातार आधुनिकीकरण किया है।
भाषा आशीष शोभना
शोभना