संभल, 24 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के संभल जिले की एक अदालत में जारी शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले की सुनवाई अब 22 अप्रैल को होगी। अधिवक्ताओं ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
चंदौसी के दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) आदित्य सिंह की अदालत में सुनवाई होनी थी लेकिन उच्चतम न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण मामले की सुनवाई की तारीख बढ़ा दी गयी।
शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता कासिम जमाल ने पत्रकारों को बताया कि अदालत ने उच्चतम न्यायालय के स्थगन आदेश का हवाला देते हुए मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की है।
उन्होंने बताया कि मामले की सुनवाई तब तक नहीं हो सकती जब तक शीर्ष अदालत का स्थगनादेश रहेगा और तब तक इसकी तारीख आगे बढ़ती रहेगी।
जमाल ने कहा कि एक याचिका उच्च न्यायालय में दाखिल की गयी थी, जिसे खारिज कर दिया गया और फिर मस्जिद पक्ष ने शीर्ष अदालत में अपील दायर की और स्थगन आदेश जारी हुआ।
मंदिर पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि उच्चतम न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण मामले की सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गयी है।
संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के दावे को लेकर 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित आठ याचिकाकर्ताओं ने संभल की जिला अदालत में याचिका दायर की थी।
अदालत के आदेश पर 19 नवंबर को शाही जामा मस्जिद का सर्वे किया गया।
इसके बाद 24 नवंबर को एक बार फिर टीम सर्वेक्षण करने पहुंची, जिसके बाद इस मामले की सुनवाई दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) आदित्य सिंह की अदालत में जारी है।
एक अधिवक्ता के अनुसार, 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद में सर्वेक्षण के दौरान संभल में हिंसा भड़क गयी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गये थे।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
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