राजनीति में दिल तोड़े भी जाते हैं, दुखाए भी जाते हैं: वसुंधरा राजे
राजनीति में दिल तोड़े भी जाते हैं, दुखाए भी जाते हैं: वसुंधरा राजे
जयपुर, 26 अप्रैल (भाषा) राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को कहा कि राजनीति में दिल तोड़े भी जाते हैं और दुखाए भी जाते हैं।
राजे ने जैन धर्म में अहिंसा के नियम का जिक्र करते हुए यह बात कही। वह छोटी खाटू में आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा, “जैन धर्म अहिंसा पर आधारित है। किसी भी जीव, किसी भी प्राणी के जीवन को नुकसान पहुंचाना हिंसा मानी गई है। लेकिन हथियार से हिंसा करना या किसी को मारना-पीटना ही हिंसा नहीं है। किसी का दिल दुखाना और किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा है। राजनीति में अक्सर ऐसा होता है।”
राजे ने कहा, “राजनीति में दिल तोड़े भी जाते है और दिल दुखाए भी जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि माता विजया राजे सिंधिया ने सिखाया है कि जीवन में किसी का मन आहत न करें और उन्हीं के रास्ते पर चल रही हैं।
एक बयान के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के साथ अन्याय करना और किसी का हक छीनना भी अधर्म है।
उन्होंने कहा, “भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय का अभाव है। यदि लोग समय निकाल कर भगवान का स्मरण कर लें तो जीवन में कठिनाइयां आएंगी ही नहीं।”
इस अवसर आचार्य महाश्रमण ने कहा कि नैतिकता,सद्भावना और नशा मुक्ति व्यक्ति के जीवन में होना चाहिए।
भाषा पृथ्वी जोहेब
जोहेब

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