शिमला, नौ अप्रैल (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के एक पूर्व कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर रोके जाने के बाद ‘‘राज्य सरकार के कुछ शीर्ष लोगों’’ के निर्देश पर शिमला पुलिस ने उनका अपहरण करने का प्रयास किया।
यहां कांग्रेस मुख्यालय के पास पुलिसकर्मियों द्वारा जांच के लिए पूर्व कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस के वाहन को रोके जाने के बाद यह घटना घटी।
बैंस को केंद्र सरकार द्वारा एक्स-श्रेणी की सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) सुरक्षा प्रदान की जा रही है, क्योंकि उन्होंने उन लोगों से अपनी जान को खतरा होने का आरोप लगाया है जिनके खिलाफ उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।
बैंस को पुलिस ने बृहस्पतिवार रोका, जिससे वह नाराज हो गए और पुलिस से इसका कारण पूछा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें अस्पताल जाना है।
बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया, जिससे इस पूरे घटनाक्रम का अंत हो गया। बाद में इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ।
इस घटना पर शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस टीम ने बैंस के वाहन को इसलिए रोका क्योंकि उसमें अनधिकृत हॉर्न, सर्च लाइट और फ्लैग रॉड लगे हुए थे, जो मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन थे।
एसएसपी ने बताया कि जब पुलिस ने उनसे हूटर हटाने को कहा तो उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग भी किया। पुलिस ने ऑनलाइन माध्यम से चालान जारी कर दिया है।
इसी बीच, बैंस ने पुलिस पर उनका पीछा करने और उन्हें बार-बार रोकने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि हरियाणा सीमा तक उनके वाहन का पीछा किया गया।
बैंस ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें बताया है कि उन्हें उसे हिरासत में लेने का आदेश दिया गया है।
भाषा यासिर राजकुमार
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