नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि पंजाब और हरियाणा राज्यों में धान की फसल कटाई के मौसम के दौरान पराली जलाने की घटनाओं में 2022 की इसी अवधि की तुलना में पिछले साल 90 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई।
केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
सिंह ने कहा कि उत्तर भारत में फसल अवशेषों को जलाने की घटनाएं एक प्रमुख समस्या बनकर उभरी है, जो पिछली फसल की कटाई के बाद अगली फसल की बुवाई के लिए सर्दियों के मौसम में क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को खराब करता है।
मंत्री ने कहा, ‘‘सरकार ने दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाने से संबंधित मुद्दों सहित वायु प्रदूषण से निपटने के लिए उठाये गए कदमों की नियमित रूप से समीक्षा और निगरानी की है।’’
उन्होंने बताया कि समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप, पंजाब और हरियाणा राज्यों ने वर्ष 2025 में धान की फसल कटाई के मौसम के दौरान पराली जलाने की घटनाओं में वर्ष 2022 की इसी अवधि की तुलना में 90 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की है।
भाषा सुभाष सुरेश
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