रांची, तीन सितंबर (भाषा) झारखंड में सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात कर पिछले महीने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले ‘उपद्रवियों’ की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में वीडियो फुटेज के साथ एक ज्ञापन भी सौंपा और आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
यह मुलाकात भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल की मुख्य सचिव से मुलाकात के एक दिन बाद हुई। भाजपा ने छात्रों के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मामलों को 48 घंटे के भीतर वापस लेने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की थी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हमने मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि छात्रों के नाम पर राज्य में अशांति फैलाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।’
पांडे ने कहा, ‘हमने कुछ वीडियो फुटेज भी उपलब्ध कराए हैं, ताकि उनके आधार पर कार्रवाई की जा सके। फुटेज में साफ तौर पर भाजपा के गुंडों की भूमिका दिख रही है। हमने उन लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने की कोशिश की।’
झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की चिंताओं को लेकर संवेदनशील हैं और उनके पक्ष में तत्काल कदम उठाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गड़बड़ी पैदा करके सरकार को बदनाम करना चाहती थी।
कमलेश ने कहा, ‘छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान भाजपा सदस्यों ने हंगामा किया। ऐसे लोगों की पहचान की जानी चाहिए और 48 घंटे के भीतर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।’
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भाकपा (माले) लिबरेशन के नेता भी शामिल थे।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश