भारत और बांग्लादेश ने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने का संकल्प लिया
भारत और बांग्लादेश ने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने का संकल्प लिया
नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) भारत और बांग्लादेश ने बुधवार को अपने संबंधों में 18 महीनों से जारी तनाव के बाद साझेदारी को सामान्य करने का संकल्प किया। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके बांग्लादेशी समकक्ष खलीलुर रहमान ने व्यापार और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
ढाका की ओर से जारी बयान के मुताबिक, रहमान ने जयशंकर के साथ बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण का अनुरोध दोहराया, जिन्हें एक न्यायाधिकरण ने मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया है।
बयान के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्री रहमान ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सरकार ‘बांग्लादेश प्रथम’ के सिद्धांत तथा पारस्परिक विश्वास, सम्मान और पारस्परिक लाभ के आधार पर अपनी विदेश नीति संचालित करेगी।
बयान में कहा गया कि विदेश मंत्री ने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को पकड़ने के लिए भारत सरकार का आभार जताया।
इसमें कहा गया, “दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि गिरफ्तार व्यक्तियों को दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बांग्लादेश को सौंपा जाएगा।”
हालांकि, विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में शेख हसीना और हादी के मुद्दों का कोई उल्लेख नहीं किया गया।
जयशंकर और रहमान ने अपनी बैठक में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान के तनाव को पीछे छोड़ते हुए सहयोग का एक नया मार्ग प्रशस्त करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर के साथ रहमान मंगलवार को तीन दिवसीय यात्रा पर नयी दिल्ली पहुंचे थे।
बांग्लादेश में संसदीय चुनावों के बाद फरवरी में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के सत्ता में आने के बाद नयी सरकार के किसी वरिष्ठ सदस्य की यह भारत की पहली उच्च स्तरीय यात्रा है।
जयशंकर ने रहमान से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘हमने द्विपक्षीय संबंधों को विभिन्न पहलुओं पर मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। नजदीकी संपर्क में रहने पर सहमति बनी।’’
बांग्लादेश की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने के अपने अनुरोध को दोहराया गया, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा मृत्युदंड दिया गया है।
मामले के बारे में जानकारी रखने वालों ने बताया कि दोनों पक्षों का यह मत था कि शेख हसीना के भारत में रहने को दोनों देशों के संबंधों में बाधा नहीं बनने देना चाहिए।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की पूर्ववर्ती सरकार ने भारत से शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया था, क्योंकि उन्हें छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ का दोषी ठहराया गया था।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने तेल और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी से भी मुलाकात की।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने मंगलवार शाम रहमान के लिए रात्रिभोज की मेजबानी की थी।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “विदेश मंत्री ने नयी सरकार के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की इच्छा को दोहराया।”
मंत्रालय ने कहा, “दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से साझेदारी को और मजबूत करने के प्रस्तावों पर विचार करने पर सहमति जताई। आगामी आधिकारिक बैठकें जल्द होने की उम्मीद है। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।”
बैठक में रहमान ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार “बांग्लादेश प्रथम” के सिद्धांत और आपसी विश्वास, सम्मान एवं पारस्परिक लाभ के आधार पर अपनी विदेश नीति आगे बढ़ाएगी।
भारतीय पक्ष ने बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि आने वाले हफ्तों में बांग्लादेशियों को वीजा जारी करने की प्रक्रिया, विशेष रूप से चिकित्सा और व्यावसायिक वीजा, आसान की जाएगी।
पुरी के साथ अपनी बातचीत में रहमान ने बांग्लादेश को हाल ही में डीजल की आपूर्ति के लिए आभार जताया और डीजल और उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया।
भाषा
राखी पारुल
पारुल

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