नयी दिल्ली, दो मई (भाषा) भारत और इक्वाडोर एक तरजीही व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की संभावना तलाश रहे हैं, साथ ही स्वास्थ्य सेवा, कृषि और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस सप्ताह विदेश मंत्री एस. जयशंकर और इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला समरफेल्ड रोसेरो के बीच हुई वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि विदेश मंत्री समरफेल्ड और उप-विदेश मंत्री अलेजांद्रो डावालोस की भारत की दो दिवसीय यात्रा ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में एक ‘नया अध्याय’ शुरू किया है।
मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर और समरफेल्ड ने 29 अप्रैल को अपनी वार्ता में, ‘‘स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, व्यापार और निवेश, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक संबंध, क्षमता निर्माण और बहुपक्षीय संस्थानों में सहयोग सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।’’
उसने कहा कि समरफेल्ड ने भारतीय पक्ष को औपचारिक पत्र सौंपे, जिसमें इक्वाडोर के अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएए) और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (आईबीसीए) में शामिल होने के निर्णय की पुष्टि की गई है।
जयशंकर और समरफेल्ड ने इक्वाडोर में ‘क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स’ (क्यूआईपी) लागू करने के लिए भारतीय अनुदान सहायता हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत, भारत विभिन्न सामाजिक-आर्थिक विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए इक्वाडोर को पांच वर्षों की अवधि में 12 करोड़ रुपये तक की अनुदान सहायता प्रदान करेगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘चिह्नित क्षेत्रों में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से इक्वाडोर के स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार होगा और खुशहाली बढ़ेगी, जिससे विकास और जनविश्वास को बढ़ावा मिलेगा।’’
विदेश मंत्रालय ने बताया कि समरफेल्ड ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात की और दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) के लिए एक रोडमैप पर चर्चा की।
चर्चा में इक्वाडोर को भारतीय दवा निर्यात बढ़ाने और तांबा तथा सोना जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आपूर्ति शृंखला साझेदारी पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
समरफेल्ड ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय स्वास्थ्य सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से किफायती स्वास्थ्य समाधानों और उच्च स्तरीय चिकित्सा प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘चर्चा का केंद्र बिंदु विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने के लिए एक संस्थागत तकनीकी तंत्र स्थापित करना था, जिसमें इक्वाडोर द्वारा भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) को मान्यता देना, सूचनाओं का आदान-प्रदान करना और नियामक सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है, जिसका उद्देश्य चिकित्सा उत्पादों के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।’
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा इक्वाडोर के समकक्ष मंत्रालय के बीच स्वास्थ्य सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जतायी।
भाषा
अमित वैभव
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