अजा-अजजा आरक्षण को लेकर भारत बंद का झारखंड में मिलाजुला असर

अजा-अजजा आरक्षण को लेकर भारत बंद का झारखंड में मिलाजुला असर

अजा-अजजा आरक्षण को लेकर भारत बंद का झारखंड में मिलाजुला असर
Modified Date: August 21, 2024 / 11:39 am IST
Published Date: August 21, 2024 11:39 am IST

रांची, 21 अगस्त (भाषा) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के आरक्षण में क्रीमी लेयर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर बुधवार को आहूत एक दिवसीय भारत बंद का झारखंड में मिलाजुला असर रहा।

बंद के कारण सार्वजनिक परिवाहन की बसें सड़कों से नदारद रहीं और स्कूल भी बंद हैं। एक अधिकारी ने बताया कि हड़ताल के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपना पलामू का दौरा रद्द कर दिया है।

अजा-अजजा के आरक्षण में क्रीमी लेयर पर उच्चतम न्यायालय के पिछले एक अगस्त के फैसले के खिलाफ आज देश भर के 21 संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। संगठनों ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इससे आरक्षण के मूल सिद्धांतों को क्षति होगी।

राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल- ने बंद को समर्थन दिया है। वामपंथी दलों ने भी बंद का समर्थन किया है। राज्य के कुछ हिस्सों में गठबंधन के कार्यकर्ता बंद के समर्थन में सड़कों पर भी उतरे।

रांची और राज्य के अधिकतर हिस्सों में स्कूल बंद हैं। सार्वजनिक परिवहन की कई बसें बस अड्डे पर खड़ी दिखाई दीं। लंबी दूरी की बस सेवाओं के ठप होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

खादगढ़ा बस अड्डे पर परिवहन का इंतजार करते हुए एक यात्री विनोद रवानी ने कहा, ‘‘मुझे आज जरूरी काम से गिरिडीह जाना है। लेकिन बसें नहीं चल रहीं। मुझे इस घटनाक्रम के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी।’’

अधिकारी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा


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