भारत बंद: दिल्ली में कुछ ऑटो, टैक्सी यूनियन बंद में शामिल, सार्वजनिक परिवहन लगभग सामान्य रहा

भारत बंद: दिल्ली में कुछ ऑटो, टैक्सी यूनियन बंद में शामिल, सार्वजनिक परिवहन लगभग सामान्य रहा

भारत बंद: दिल्ली में कुछ ऑटो, टैक्सी यूनियन बंद में शामिल, सार्वजनिक परिवहन लगभग सामान्य रहा
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: December 8, 2020 11:17 am IST

नयी दिल्ली, आठ दिसंबर (भाषा) नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के ‘भारत बंद’ में मंगलवार को दिल्ली में कुछ ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने भी भाग लिया, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक परिवहन कुल मिलाकर सामान्य रहा।

दिल्ली सर्वोदय चालक संघ के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने दावा किया कि यूनियन के अधिकतर सदस्य हड़ताल पर हैं। यह संगठन ओला और उबर जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवा के चालकों का प्रतिनिधित्व करता है।

गिल ने कहा, ‘‘दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में करीब चार लाख ऐप आधारित कैब हैं। हमारे अधिकतर सदस्य हड़ताल पर हैं।’’

हालांकि, ऐप आधारित टैक्सी सेवा का इस्तेमाल करने वाले अनेक लोगों ने कहा कि उन्हें टैक्सी बुक करने में कोई ज्यादा मुश्किल नहीं हुई।

यात्री प्रदीप दुबे ने कहा, ‘‘ओला और उबर के लिए प्रतीक्षा समय किसी अन्य दिन की तरह ही था। मुझे आज कोई ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा और न ही कोई ज्यादा परेशानी हुई।’’

कुछ अन्य यात्रियों ने भी कहा कि सड़कों पर ऑटोरिक्शा आसानी से उपलब्ध थे।

दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि दिल्ली राज्य टैक्सी सहकारी समिति और कौमी एकता कल्याण संघ समेत अनेक यूनियनों से जुड़े वाहन चालक हड़ताल पर रहे।

सम्राट ने दावा किया, ‘‘भारत बंद के समर्थन में हमारी हड़ताल सफल रही है।’’

उन्होंने कहा कि हड़ताल कर रहीं ऑटो, टैक्सी यूनियनों के सदस्यों ने बंगलासाहिब गुरुद्वारे में अखंड पाठ किया और किसानों की कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना की।

हालांकि कुछ अन्य ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने दावा किया कि हड़ताल का दिल्ली में परिवहन सुविधाओं पर कोई असर नहीं पड़ा।

दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महासचिव राजेंद्र सोनी ने कहा, ‘‘हमारे सभी ऑटो और टैक्सियां सामान्य तरीके से चल रहे हैं तथा हड़ताल का बिलकुल भी असर नहीं पड़ा है। हम किसानों और उनकी मांगों का समर्थन करते हैं लेकिन हड़ताल से आम आदमी को समस्या होगी।’’

उन्होंने दावा किया कि हवाईअड्डे, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों जैसी जगहों पर ऑटो और टैक्सी सेवा सामान्य थी।

आईजीआई हवाईअड्डा टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष किशनजी ने भी कहा कि काली-पीली टैक्सियों का परिचालन सामान्य रहा और ये हड़ताल में शामिल नहीं थीं।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश


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