भारत बंद: कर्नाटक में जनजीवन पर अभी तक कोई खास प्रभाव नहीं, यातायात बाधित होने की आशंका

भारत बंद: कर्नाटक में जनजीवन पर अभी तक कोई खास प्रभाव नहीं, यातायात बाधित होने की आशंका

भारत बंद:  कर्नाटक में जनजीवन पर अभी तक कोई खास प्रभाव नहीं, यातायात बाधित होने की आशंका
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: September 27, 2021 11:40 am IST

बेंगलुरु, 27 सितंबर (भाषा) केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा सोमवार को आहूत ‘भारत बंद’ के कारण कर्नाटक में शुरुआती कुछ घंटों में जनजीवन कुछ खास प्रभावित नहीं हुआ, सामान्य रूप से कामकाज हुआ तथा यातायात सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहीं।

हालांकि विरोध प्रदर्शनों और प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सुबह से शाम तक के बंद के दौरान किसानों द्वारा रास्ता रोकने के प्रयासों के कारण राज्य के कई हिस्सों, खासकर बेंगलुरु में वाहनों की आवाजाही बाधित हुई है तथा बाद में और किसानों के एकत्र होने के कारण प्रदर्शन और व्यापक हो सकता है।

किसान नेता कोडिहल्ली चंद्रशेखर ने बताया कि किसान संगठनों ने टाउन हाल से के आर पुरम और बेंगलुरु शहर के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन रैली निकालने की योजना बनाई है और वे पूर्वाह्न करीब 11 बजे एकत्र होंगे।

पुलिस द्वारा कुछ प्रदर्शनकारियों और किसानों को हिरासत में लिए जाने की भी खबरें हैं।

कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने रविवार रात को बताया कि पुलिस को भारत बंद के मद्देनजर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बेंगलुरु शहर, जिला केंद्रों और राज्य में सभी संवेदनशील इलाकों में कोई अप्रिय घटना नहीं हो।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कई संगठन बंद को केवल नैतिक सहयोग दे रहे हैं। ऐसे में शहर और राज्य के हिस्सों में जनजीवन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना कम है।

सार्वजनिक परिवहन कर्मचारी संघ, होटल मालिक संघ, लॉरी, ऑटो, रिक्शा और टैक्सी मालिक संघों ने कोविड-19 महामारी और इसके कारण लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से नुकसान होने का हवाला देते हुए कहा है कि वे विरोध का समर्थन करते हैं, लेकिन काम करना जारी रखेंगे। मेट्रो सेवाएं भी सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

राज्य के निजी स्कूलों के संघ ने कहा था कि स्कूल खुले रहेंगे और वे बंद के लिए केवल नैतिक समर्थन दे रहे हैं। रेस्तरां और भोजनालय सामान्य रूप से काम करते देखे गए।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा


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