पूर्व टीडीबी अध्यक्ष के खिलाफ एसआईटी की कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं: माकपा नेता जयराजन

पूर्व टीडीबी अध्यक्ष के खिलाफ एसआईटी की कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं: माकपा नेता जयराजन

पूर्व टीडीबी अध्यक्ष के खिलाफ एसआईटी की कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं: माकपा नेता जयराजन
Modified Date: July 23, 2026 / 12:51 pm IST
Published Date: July 23, 2026 12:51 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 23 जुलाई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ई. पी. जयराजन ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह नहीं मानते कि त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष पी. एस. प्रशांत के खिलाफ विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।

शबरिमला सोना चोरी मामले के सिलसिले में एसआईटी द्वारा प्रशांत को हिरासत में लिए जाने के संबंध में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जयराजन ने कहा, ‘मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने दें।’

नेता ने कहा कि पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने इस मामले के संबंध में कुछ भी नहीं छुपाया था और इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया था।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी चीजों को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

जयराजन ने यह भी कहा कि वाम मोर्चा किसी भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के खिलाफ नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘सब कुछ सामने आने दीजिए।’

पूर्व देवस्वोम मंत्री वी. एन. वासवन ने कहा कि जांच जारी रहने दी जानी चाहिए। वासवन के कार्यकाल के दौरान प्रशांत टीडीबी के अध्यक्ष थे।

वासवन ने यह भी कहा कि जब प्रशांत टीडीबी के अध्यक्ष थे, तब उन्हें उनके द्वारा की गई किसी भी अनियमितता के बारे में जानकारी नहीं थी।

एसआईटी उन दो मामलों की जांच कर रही है जो शबरिमला मंदिर के ‘श्रीकोविल’ (गर्भगृह) के दरवाजों की चौखट और ‘द्वारपालक’ (रक्षक देवता) की मूर्तियों से कथित तौर पर सोना गायब होने से जुड़े हैं। ये चीजें 2019 में ‘इलेक्ट्रोप्लेटिंग’ (विद्युत धारा का उपयोग करके धातु की परत चढ़ाने का कार्य) की प्रक्रिया के लिए ले जाई गई थीं।

एसआईटी ने हाल में केरल उच्च न्यायालय को बताया कि वह 2025 में की गई ऐसी ही एक और ‘इलेक्ट्रोप्लेटिंग’ प्रक्रिया की भी जांच कर रही है जब प्रशांत टीडीबी के अध्यक्ष थे।

प्रशांत 2023 से 2025 तक बोर्ड के प्रमुख रहे।

सूत्रों के अनुसार, प्रशांत को तिरुवनंतपुरम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया।

केरल उच्च न्यायालय में दायर एक हालिया रिपोर्ट में एसआईटी ने कहा कि सितंबर 2025 में ‘इलेक्ट्रोप्लेटिंग’ प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर सोना गायब होने के मामले की जांच को द्वारपालक मूर्ति मामले के साथ जोड़ दिया गया है।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव


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