भारत ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बोर्डिंग पास पर मुहर लगाने की प्रक्रिया खत्म करने का फैसला किया

भारत ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बोर्डिंग पास पर मुहर लगाने की प्रक्रिया खत्म करने का फैसला किया

भारत ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बोर्डिंग पास पर मुहर लगाने की प्रक्रिया खत्म करने का फैसला किया
Modified Date: August 22, 2026 / 07:49 pm IST
Published Date: August 22, 2026 7:49 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) भारतीय हवाईअड्डों से विदेश जाने वाले यात्रियों को अब बोर्डिंग पास की कागजी प्रति साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि आव्रजन अधिकारियों ने एक सितंबर से बोर्डिंग पास पर मुहर लगाने की प्रक्रिया खत्म करने का फैसला किया है।

अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इसके बजाय विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को आव्रजन जांच के लिए अपने स्मार्टफोन पर ई-बोर्डिंग पास दिखाना होगा।

गृह मंत्रालय के तहत आने वाले आव्रजन ब्यूरो (बीओआई) ने हाल ही में हवाईअड्डा अधिकारियों को इस संबंध में आधिकारिक निर्देश भेजा है।

एजेंसी ने पाया कि आव्रजन प्रक्रिया के लिए बोर्डिंग पास की कागजी प्रति पर मुहर लगाने से यात्रियों को ‘असुविधा’ हो रही थी।

अधिकारियों ने कहा कि ‘गलत या ठीक तरीके से मुहर नहीं लगने’ के कारण बोर्डिंग पास पढ़ने में दिक्कत होने के मामले भी सामने आ रहे थे, इसलिए इस प्रक्रिया को खत्म करने का फैसला किया गया।

अधिकारियों ने निर्देश का हवाला देते हुए कहा, “बीओआई ने इस मामले की समीक्षा की है और अब देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर इमिग्रेशन काउंटरों पर बोर्डिंग पास की कागजी प्रति और उस पर मुहर लगाने की अनिवार्य व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला किया गया है।”

हालांकि, उन्होंने कहा कि एक सितंबर से भौतिक बोर्डिंग पास स्वीकार किए जाते रहेंगे, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारी उन पर मुहर नहीं लगाएंगे।

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि व्यक्तिगत तलाशी के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान भी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बोर्डिंग पास पर मुहर नहीं लगा रहे थे। इन्हें केवल इमिग्रेशन अधिकारियों के समक्ष जांच और मंजूरी के लिए प्रस्तुत करना होता था।

उन्होंने बताया कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह के यात्रियों के बोर्डिंग पास पर सीआईएसएफ द्वारा मुहर लगाने की प्रक्रिया कई साल पहले ही बंद कर दी गई थी।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश


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