भारत ने दक्षिण अफ्रीका की पहल पर आयोजित नौसैन्य अभ्यास में भाग नहीं लिया
भारत ने दक्षिण अफ्रीका की पहल पर आयोजित नौसैन्य अभ्यास में भाग नहीं लिया
नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) भारत ने शनिवार को कहा कि उसने दक्षिण अफ्रीका की पहल पर आयोजित एक बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि यह ब्रिक्स के तहत कोई संस्थागत गतिविधि नहीं थी। इस अभ्यास में कई ब्रिक्स देशों ने भाग लिया।
दक्षिण अफ़्रीका के जलक्षेत्र में आयोजित इस अभ्यास में चीन, रूस, ईरान, मिस्र, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित कई देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया।
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई के चलते देश पर संभावित सैन्य हमलों को लेकर तनाव के बीच सप्ताह भर के इस सैन्य अभ्यास का आयोजन हुआ।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस अभ्यास के लिए दक्षिण अफ्रीका ने पहल की, जिसमें कुछ ब्रिक्स सदस्यों ने हिस्सा लिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह ब्रिक्स की कोई नियमित या संस्थागत गतिविधि नहीं थी, और इसमें सभी ब्रिक्स सदस्य भी शामिल नहीं हुए।’’
जायसवाल मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे कि भारत तथाकथित ‘ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास’ में अनुपस्थित क्यों रहा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने पहले भी ऐसी किसी गतिविधि में भाग नहीं लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘इस संदर्भ में भारत जो नियमित अभ्यास करता है, वह आईबीएसएएमएआर समुद्री अभ्यास है, जिसमें भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाएं हिस्सा लेती हैं।’’
आईबीएसएएमएआर (भारत-ब्राज़ील-दक्षिण अफ़्रीका समुद्री अभ्यास) का अंतिम संस्करण अक्टूबर 2024 में आयोजित किया गया था।
भारत वर्तमान में ब्रिक्स का अध्यक्ष है।
ब्रिक्स समूह में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे, लेकिन 2024 में इसका विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश
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