नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) भारत ने बिमान बांग्लादेश द्वारा “ढाका-कराची सेक्टर” पर सीधी उड़ानें शुरू किए जाने के प्रस्ताव पर संज्ञान लिया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
प्रश्न में पूछा गया था कि क्या सरकार को निकट भविष्य में ढाका और पाकिस्तान के बीच सीधी वाणिज्यिक उड़ानें शुरू किए जाने से संबंधित हालिया रिपोर्टों और चर्चाओं की जानकारी है।
सिंह ने कहा, “भारत सरकार ने बिमान बांग्लादेश द्वारा ढाका-कराची सेक्टर पर सीधी उड़ानें शुरू करने के प्रस्ताव पर संज्ञान लिया है।”
विदेश मंत्रालय (एमईए) से यह भी पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश, पाकिस्तान या किसी एयरलाइन की ओर से ऐसी भावी सीधी उड़ानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति संबंधी कोई “अनुरोध, प्रस्ताव या अनौपचारिक संवाद” प्राप्त हुआ है। यदि हां, तो ऐसे अनुरोधों की वर्तमान स्थिति क्या है और सरकार किन पहलुओं पर विचार कर रही है।
इसके साथ ही यह भी पूछा गया था कि क्या किसी भी विचार-विमर्श में राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीतिक संवेदनशीलताओं और पाकिस्तान के साथ पूर्व द्विपक्षीय व्यवस्थाओं को ध्यान में रखा गया है।
सिंह ने कहा, “उड़ान संबंधी अनुरोध को भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारियों ने 1978 में भारत सरकार और बांग्लादेश सरकार के बीच हस्ताक्षरित द्विपक्षीय वायु सेवा समझौते के प्रावधानों के अनुरूप, सभी प्रासंगिक पहलुओं पर समुचित विचार के बाद प्रक्रिया के तहत निपटाया।”
एक अलग प्रश्न में सरकार से पूछा गया था कि क्या वह सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच कथित पारस्परिक रक्षा समझौते से अवगत है और यदि हां, तो स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
सिंह ने कहा, “हां, सरकार ने सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर से संबंधित रिपोर्ट देखी हैं।”
उन्होंने कहा, “सरकार भारत की सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखती है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाती है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी क्षेत्रीय साझेदारों के साथ संवाद जारी रखता है।”
एक अन्य प्रश्न में सरकार से पूछा गया कि वह पाकिस्तान के “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मध्यस्थता किए जाने के चीन के दावे का समर्थन करने को किस तरह से देखती है”, और चीन, पाकिस्तान या अमेरिका की ओर से किए जा रहे ऐसे दावों पर विराम लगाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।
सिंह ने कहा, “22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा किए गए पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने कई कूटनीतिक कदम उठाए और पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया।”
उन्होंने कहा, “10 मई 2025 को पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) ने गोलीबारी और सैन्य गतिविधियों को रोकने का अनुरोध करने के लिए अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया, जिसे उसी दिन स्वीकार कर लिया गया। सरकार कई अवसरों पर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर चुकी है कि यह समझ दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच सीधे तौर पर बनी थी।”
पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने सात मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए।
इन हमलों के बाद चार दिनों तक तीव्र झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की समझ के साथ समाप्त हुईं।
भाषा पारुल
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