नैनीताल, 29 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देहरादून जिले के गुनियाल गांव में प्रस्तावित ‘सैनिक धाम’ के निर्माण को रोकने के अनुरोध वाली जनहित याचिका (पीआईएल) खारिज कर दी है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जिस भूमि पर युद्ध स्मारक का निर्माण हो रहा है वह वन भूमि नहीं है, इसलिए निर्माण रोकने का कोई आधार नहीं है।
याचिकाकर्ता विकास सिंह नेगी ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि राज्य सरकार भूमि की वास्तविक प्रकृति का निर्धारण किए बिना ‘सैनिक धाम’ परियोजना का निर्माण कार्य आगे बढ़ा रही है। उन्होंने साथ ही यह भी दावा किया था कि यह स्थल वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि सक्षम वन अधिकारियों द्वारा भूमि को गैर-वन क्षेत्र प्रमाणित कर दिए जाने के बाद याचिका कानूनी रूप से निराधार हो जाती है।
अदालत ने याचिका खारिज करते हुए यह भी कहा कि निर्माण कार्य 2021 से जारी है और लगभग पूरा हो चुका है, और इसका उद्घाटन जल्द ही होने की संभावना है।
भाषा सं शफीक सुरेश
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