भारत पर करुणा और अहिंसा के सिद्धांतों को संरक्षित व साझा करने की विशेष जिम्मेदारी है: रीजीजू

Ads

भारत पर करुणा और अहिंसा के सिद्धांतों को संरक्षित व साझा करने की विशेष जिम्मेदारी है: रीजीजू

  •  
  • Publish Date - January 24, 2026 / 11:49 PM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 11:49 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर लोग बौद्ध धर्म की ओर रुख कर रहे हैं, भारत पर करुणा, अहिंसा, सद्भाव और सहअस्तित्व के सिद्धांतों को संरक्षित और साझा करने और उन पर अमल करने की विशेष जिम्मेदारी है।

यहां ‘भारत मंडपम’ में आयोजित वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री रीजीजू ने बौद्ध धर्म की समावेशी और सार्वभौमिक अपील को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि इसका लोकाचार न केवल उन लोगों के लिए मायने रखता है जो खुद को बौद्ध मानते हैं, बल्कि सभी के लिए मायने रखता है।

विभिन्न देशों के कई प्रख्यात भिक्षुओं, विद्वानों और बौद्ध संगठनों के सदस्यों की सभा को संबोधित करते हुए, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बौद्ध संवाद को बढ़ावा देने में भारत के ‘‘वैश्विक नेतृत्व’’ पर प्रकाश डाला।

संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह सम्मेलन 24 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है।

भाषा शफीक देवेंद्र

देवेंद्र