नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) भारत ने सोमवार को कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय ध्वज वाले जहाजों के सुरक्षित पारगमन को सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका के साथ द्विपक्षीय वार्ता नहीं की है।
विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग को खुला रखने के लिए युद्धपोत भेजने के आह्वान की पृष्ठभूमि में आई है।
ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरे समुद्री परिवहन मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। वैश्विक तेल और एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता है।
ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन समेत अन्य देश जो ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रयास से प्रभावित हैं, वे समुद्री मार्ग को ‘‘सुरक्षित और खुला’’ रखने के लिए क्षेत्र में युद्धपोत भेजेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘हमें इस बात की जानकारी है कि कई देशों में इस संबंधित मामले पर चर्चा हो रही है। हमने अभी तक (अमेरिका के साथ) द्विपक्षीय स्तर पर इस पर चर्चा नहीं की है।’’
उनकी यह टिप्पणी इस सवाल के जवाब में आई कि क्या अमेरिका ने भारत से इस क्षेत्र में अपने युद्धपोत भेजने के लिए संपर्क किया था।
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शफीक नरेश
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