नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि भारत अपने जहाजों की सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य से उनकी सुरक्षित निकासी के लिए ईरान के अधिकारियों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पश्चिमी एशिया की स्थिति पर यहां अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में ये टिप्पणियां कीं।
ये टिप्पणियां हाल ही में महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरते समय दो भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी की घटना के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में थीं।
भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नयी दिल्ली द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी मांगी गई थी।
भारत सरकार ने ब्रीफिंग के बाद एक आधिकारिक बयान में बताया, “पिछले 48 घंटों में दो भारतीय पोतों ‘वीएलसीसी समनार हेराल्ड’ और ‘बल्क कैरियर जग अर्नव’ ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय गोलीबारी की घटना की सूचना दी, जिसके बाद वे फारस की खाड़ी में लौट आए। चालक दल के किसी भी सदस्य के घायल होने की कोई खबर नहीं है।”
बयान में बताया गया, “भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
जायसवाल ने बताया, “हमारे कई पोत फारस की खाड़ी में हैं। और हम ईरान और अन्य देशों के संपर्क में हैं, ताकि हम अपने पोतों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से निकाल सकें। इस प्रयास में हमारे 10 पोत अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। एक पोत जल्द ही पहुंचने वाला है, जैसा कि मेरे सहयोगी ने आपको इसके बारे में जानकारी दी है।”
उन्होंने बताया, “शनिवार को जब गोलीबारी की घटना घटी, तो हमारे दो जहाजों पर गोलीबारी हुई। जब हमें इस मामले की सूचना मिली, तो हमने इस पर कड़ी कार्रवाई की। हमने ईरानी राजदूत को बुलाया, उन्होंने विदेश सचिव से मुलाकात की। विदेश सचिव ने घटना पर हमारी गहरी चिंता व्यक्त की और हमारी कही हुई बात को दोहराया।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारत अपने नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को बहुत महत्व देता है।
भाषा जितेंद्र रंजन
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