भारत ने निजी अंतरिक्ष कंपनियों के लिए नये दिशानिर्देश जारी किये

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भारत ने निजी अंतरिक्ष कंपनियों के लिए नये दिशानिर्देश जारी किये

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 05:55 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 05:55 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने अपने नये दिशानिर्देशों में कहा है कि निजी अंतरिक्ष कंपनियों को पूर्व निर्धारित योजना के तहत किसी वस्तु को अंतरिक्ष से पृथ्वी पर वापस लाने के दौरान जान-माल के नुकसान के जोखिम को 10 हजार के अनुपात में एक से कम तक सीमित करना होगा।

भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग के अधीन काम करने वाली ‘इन-स्पेस’ निजी कंपनियों की अंतरिक्ष क्षेत्र की सभी गतिविधियों को विनियमित करने वाली एकल एजेंसी है। इसने यह भी अनिवार्य कर दिया है कि किसी भी भारतीय कंपनी को अंतरिक्ष में भेजी गई किसी भी वास्तु को वापस सतह पर लाने की (फिर चाहे वह भारतीय क्षेत्र के अंदर हो या बाहर) योजना बनाने के लिए उसकी मंज़ूरी लेनी होगी।

इन-स्पेस ने ‘भारतीय अंतरिक्ष नीति-2023’ के तहत ‘‘अंतरिक्ष से कोई प्रक्षेपित वस्तु की योजनाबद्ध वापसी की मंज़ूरी से जुड़े नियम, दिशानिर्देश और प्रक्रियाएं’’ शीर्षक से नये दिशानिर्देश 23 जुलाई को जारी किये। इन दिशानिर्देशों को बुधवार को सार्वजनिक किया गया।

नये दिशानिर्देश के मुताबिक, ‘‘जो विदेशी संस्थाएं अपने प्रक्षेपित वस्तु को योजनाबद्ध तरीके से वापस लाना चाहते हैं, उन्हें इन-स्पेस से मंजूरी केवल भारत में पंजीकृत संस्थाओं के जरिये ही लेनी होगी।’’

इसमें कहा गया है कि कंपनियों को अंतरिक्ष से वस्तुओं को वापस लाने से जुड़ी गतिविधियां अपने जोखिम और जिम्मेदारी पर करनी होंगी और वे भारत सरकार पर कोई देनदारी नहीं डाल सकतीं।

इसमें कहा गया कि इसलिए, अगर इन-स्पेस मंजूरी के समय ज़रूरी समझे या इसकी मांग करे, तो कंपनियों को ऐसे सभी जोखिमों और संभावित स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त बीमा (जिसमें अनिवार्य तृतीय पक्ष देनदारी बीमा शामिल हो) लेना चाहिए।

नये दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि अगर किसी प्रक्षेपित वस्तु को अंतरिक्ष से वापस धरती पर लाने की योजना है, तो कंपनियों को अनुमति मांगते समय इसके पीछे की मंशा से भी अवगत कराना होगा।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश