India LPG supply: देश में खत्म होगी गैस की चिंता? ईरान से आई राहत ने बढ़ाई उम्मीदें, भारत के लिए इतने टन एलपीजी की बड़ी खेप पहुंचने वाली है

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India LPG supply: भारत में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर एक बड़ी राहत मिलने वाली है। जानकारी के अनुसार, दो एलपीजी से भरे जहाज जल्द ही भारत पहुंच रहे हैं।

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 02:17 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 02:58 PM IST

LPG SUPPLY/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • भारत आ रहे LPG से भरे 2 जहाज
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आ रहा शिवालिक
  • शाम 4:30 बजे तक पहुंचेगा मुंद्रा पोर्ट

India LPG supply: भारत में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर एक बड़ी राहत मिलने वाली है। जानकारी के अनुसार, दो एलपीजी से भरे जहाज जल्द ही भारत पहुंच रहे हैं। इन जहाजों में से एक का नाम शिवालिक है, जो वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत की ओर आ रहा है। यह जहाज अपनी निर्धारित समयसीमा के अनुसार भारत के मुंद्रा पोर्ट पर शाम 4:30 बजे तक पहुंच जाएगा। दूसरी खेप की भी जानकारी है कि वह इसी समय सीमा के भीतर भारत पहुंचने वाली है।

LPG shipment India: भारत पहुंचेगी 54 हजार टन LPG गैस

इन दो जहाजों के भारत पहुंचने के बाद कुल 54 हजार टन एलपीजी गैस की आपूर्ति देश में होगी। इससे घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए एलपीजी की उपलब्धता में सुधार की उम्मीद है। एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी और पिछले कुछ समय से देश में आपूर्ति की कमी के चलते यह खबर आम जनता के लिए राहत का कारण बनेगी। अधिकारियों के अनुसार, दोनों जहाजों की सुरक्षित और समय पर आगमन सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रबंधन और सुरक्षा उपाय पहले से ही लागू किए गए हैं। इस आपूर्ति से बाजार में एलपीजी की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्राहकों को गैस की कमी से निपटने में मदद मिलेगी।

हाल ही में ट्रैफिक की आई है खबर

बता दें कि, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास इन दिनों जहाजों की लंबी कतार लग गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां से गुजरने के लिए करीब 1000 जहाज इंतजार कर रहे हैं, जिनमें लगभग 200 ऑयल टैंकर भी शामिल हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का व्यापारिक कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गजरता है। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल देखने को मिल रही है। ऐसे में भारत को बहुता बड़ी राहत मिलती हुई दिख रही है।

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