भारत को क्वांटम प्रौद्योगिकी में मानव संसाधन विकसित करने की जरूरत : प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार

भारत को क्वांटम प्रौद्योगिकी में मानव संसाधन विकसित करने की जरूरत : प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार

भारत को क्वांटम प्रौद्योगिकी में मानव संसाधन विकसित करने की जरूरत : प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार
Modified Date: July 3, 2024 / 10:57 am IST
Published Date: July 3, 2024 10:57 am IST

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद का कहना है कि भारत को उच्च शिक्षा तथा प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर क्वांटम प्रौद्योगिकी में मानव संसाधनों के निर्माण में अच्छा-खासा निवेश करने की आवश्यकता है।

गैर लाभकारी संगठन ‘इतिहास रिसर्च एंड डिजिटल’ के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) पर चर्चा में मंगलवार को सूद ने क्वांटम प्रौद्योगिकी में पेशेवरों की आवश्यकता पर जोर दिया क्योंकि भारत में यह क्षेत्र अब भी शुरुआती चरण में है।

सूद ने कहा, ‘‘10 साल पहले बहुत कम लोग क्वांटम प्रौद्योगिकियों पर काम कर रहे थे। हमें इस मानव संसाधन को प्रमुखता से विकसित करने की आवश्यकता है। हमने 10 स्थानों पर नैनो विज्ञान में एम.टेक शुरू किया है। क्वांटम प्रौद्योगिकियों के लिए कुछ ऐसा ही करने की आवश्यकता है। अभी आईआईएसईआर पुणे और आईआईएससी बेंगलुरु में ही ऐसे पाठ्यक्रम हैं लेकिन इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है।’’

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय करंदीकर ने कहा, ‘‘आज एक मजबूत अनुसंधान समुदाय है। सरकार का उद्देश्य अगस्त-सितंबर तक क्वांटम प्रौद्योगिकी के चार क्षेत्रों में तकनीकी समूह बनाने का है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि एनक्यूएम के शासक मंडल ने स्टार्टअप का समर्थन करने के लिए एक नीति को भी स्वीकृति दे दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘तकनीकी समूहों का गठन करने के बाद हम स्टार्टअप में निवेश करने का एक कार्यक्रम शुरू करेंगे। भारत में कुछ स्टार्टअप में वैश्विक क्षमता है और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का इरादा उन्हें सहयोग मुहैया कराने का है।’’

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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