Akshaya Tritiya 2026 Muhurat: अक्षय तृतीया की सही तारीख क्या है- 19 या 20 अप्रैल? इस दिन सोना खरीदने से क्या होता है? जानें शुभ मुहूर्त

Akshaya Tritiya 2026 Muhurat: अक्षय तृतीया वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन खरीदारी और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इस दिन किए गए अच्छे कार्यों का फल कभी खत्म नहीं होता। इसलिए लोग सोना-चांदी खरीदते और धार्मिक कार्य करते हैं।

Akshaya Tritiya 2026 Muhurat: अक्षय तृतीया की सही तारीख क्या है- 19 या 20 अप्रैल? इस दिन सोना खरीदने से क्या होता है? जानें शुभ मुहूर्त

(Akshaya Tritiya 2026 Muhurat/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: April 17, 2026 / 01:43 pm IST
Published Date: April 17, 2026 1:40 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अक्षय तृतीया 2026 में 19 अप्रैल को मनाई जाएगी
  • इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है, किसी शुभ कार्य के लिए अलग मुहूर्त जरूरी नहीं
  • सोना-चांदी खरीदना और दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है

Akshaya Tritiya 2026 Muhurat: अक्षय तृतीया को आखा तीज भी कहा जाता है। यह हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र और शुभ पर्व माना जाता है। इस दिन को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, जिसका मतलब है कि किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती। विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय, संपत्ति खरीदी और दान-पुण्य जैसे कार्य इस दिन बहुत ही शुभ माने जाते हैं।

अक्षय तृतीया की सही तारीख

इस साल 2026 में अक्षय तृतीया की तिथि 19 और 20 अप्रैल को लेकर लोगों में संशय की स्थिति है। द्रिक पंचांग के मुताबिक, तृतीया तिथि 19 अप्रैल को दोपहर 1:01 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 10:40 बजे तक रहेगी। लेकिन शास्त्रों में उदयकाल को महत्व दिया जाता है। इसलिए 20 अप्रैल की सुबह तिथि होने के कारण अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।

खरीदारी का शुभ मुहूर्त

अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी खरीदने का विशेष महत्व होता है। 19 अप्रैल को खरीदारी का शुभ समय सुबह 10:49 बजे से लेकर 20 अप्रैल सुबह 5:51 बजे तक रहेगा। इसके अलावा चौघड़िया मुहूर्त भी शुभ माने जाते हैं। जो सुबह 10:49 से 12:20 तक, दोपहर 1:58 से 3:35 तक और शाम 6:49 से रात 10:57 तक खरीदारी के लिए अच्छा समय रहेगा।

इस दिन क्या-क्या खरीदना शुभ है?

इस दिन केवल सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि अन्य चीजें भी खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। लोग धनिया के बीज, तांबे के बर्तन, लाल कपड़ा, चावल, घी, मिट्टी के बर्तन, दीये और छोटे गमले भी खरीदते हैं। मान्यता है कि ऐसी चीजें घर में समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं।

अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व

‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है जो कभी समाप्त न हो। इस दिन किए गए दान, पूजा, जप, तप और अच्छे कर्मों का फल कभी खत्म नहीं होता बल्कि और बढ़ता रहता है। इसलिए लोग इस दिन स्नान, दान और पूजा करते हैं। विशेष रूप से जल, अन्न, वस्त्र और सत्तू का दान बहुत पुण्यकारी माना जाता है।

पौराणिक मान्यताएं और महत्व

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अक्षय तृतीया को युगादि तिथि भी कहा जाता है क्योंकि इसे सतयुग की शुरुआत का दिन माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ है। इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर धन, सुख, वैभव और समृद्धि की प्राप्ति होती है और जीवन में स्थिरता आती है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।