देश में कोविड-19 के 1,542 नए मामले, छह माह में सबसे कम दैनिक मामले

देश में कोविड-19 के 1,542 नए मामले, छह माह में सबसे कम दैनिक मामले

देश में कोविड-19 के 1,542 नए मामले, छह माह में सबसे कम दैनिक मामले
Modified Date: November 29, 2022 / 08:54 pm IST
Published Date: October 18, 2022 10:34 am IST

नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,542 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 4,46,32,430, हो गई। पिछले छह महीने में सामने आये ये सबसे कम दैनिक मामले हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को सुबह आठ बजे अद्यतन आंकडों के अनुसार, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 26,449 हो गई है जो कुल मामलों का 0.06 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपाचारीधीन मरीजों की संख्या में 385 की कमी हुई है। मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.75 प्रतिशत है।

संक्रमण से आठ और मरीजों की मृत्यु होने से मृतक संख्या बढ़कर 5,28,913 हो गई है। संक्रमण से जिन आठ लोगों की मृत्यु हुई है उनमें वे पांच मरीज भी शामिल हैं जिनका नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल द्वारा वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े गए हैं।

देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत के तीन मामले सामने आए, जिनमें से गुजरात, ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के एक-एक मरीज थे।

आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 0.68 प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 1.02 प्रतिशत है। देश में अब तक कुल 4,40,77,068 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। वहीं राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.37 करोड़ खुराक दी जा चुकी है।

गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार हो गए थे।

भाषा फाल्गुनी प्रशांत

प्रशांत


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