भारत-अमेरिका का संयुक्त बयान अंतरिम व्यापार समझौते का आधार बना हुआ है: विदेश मंत्रालय

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भारत-अमेरिका का संयुक्त बयान अंतरिम व्यापार समझौते का आधार बना हुआ है: विदेश मंत्रालय

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 10:17 PM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 10:17 PM IST

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका के साथ उसका संयुक्त बयान प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते का आधार बना हुआ है और व्हाइट हाउस के विवरण पत्र में किए गए संशोधन साझा समझ को दर्शाते हैं।

सोमवार को व्हाइट हाउस द्वारा जारी किए गए विवरण पत्र (फैक्ट शीट) ने विवाद खड़ा कर दिया क्योंकि इसमें उल्लेख किया गया था कि भारत ‘‘कुछ दालों’’ पर शुल्क कम करेगा और अगले पांच वर्षों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के अमेरिकी सामान, जिनमें ऊर्जा और प्रौद्योगिकी शामिल हैं, खरीदने के लिए ‘‘प्रतिबद्ध’’ है।

बाद में दस्तावेज को संशोधित किया गया और विवादित मुद्दों को हटा दिया गया।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर अंतरिम समझौते के ढांचे पर भारत-अमेरिका का संयुक्त बयान सात फरवरी को जारी किया गया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त बयान एक ढांचा है और इस मामले में हमारी आपसी समझ का आधार बना रहेगा। अब दोनों पक्ष इस ढांचे को लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे।’’

जायसवाल ने इस मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘अमेरिकी विवरण पत्र में किए गए संशोधन संयुक्त वक्तव्य में निहित साझा समझ को दर्शाते हैं।’’

ऐसी जानकारी है कि भारतीय पक्ष ने विवरण पत्र में उल्लेखित प्रावधानों को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद व्हाइट हाउस ने संशोधन किया।

मंगलवार को जारी संशोधित विवरण पत्र में दालों के संबंध में किए गए उल्लेख को हटा दिया गया है।

इसमें कहा गया, ‘‘भारत का इरादा अमेरिकी उत्पादों को और अधिक खरीदने तथा अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक की ऊर्जा, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, कोयला एवं अन्य उत्पादों की खरीद करने का है।’’

इसमें भारत द्वारा अपनी डिजिटल सेवाओं पर लगाए गए कर को हटाने संबंधी उल्लेख भी हटा दिया गया।

संशोधित दस्तावेज में कहा गया है कि भारतीय पक्ष डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसमें यह भी कहा गया है कि भारत अमेरिका से और अधिक सामान खरीदने का ‘‘इरादा रखता है’’।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद, दोनों पक्षों ने भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी।

ट्रंप के शांति बोर्ड से संबंधित एक सवाल के जवाब में, जायसवाल ने कहा कि भारत को इसके लिए निमंत्रण मिला है और नयी दिल्ली वर्तमान में इस पर विचार कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘शांति बोर्ड के संबंध में, हमें अमेरिका सरकार से शांति बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। हम वर्तमान में इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं और इसकी समीक्षा कर रहे हैं।’’

जायसवाल ने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने वाले प्रयासों का लगातार समर्थन किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ने भी गाजा समेत पूरे क्षेत्र में दीर्घकालिक और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करने वाले ऐसे सभी कदमों का स्वागत किया है।’’

जायसवाल ने कहा, ‘‘इसलिए, शांति बोर्ड में शामिल होने के निमंत्रण के संबंध में, हम वर्तमान में इसकी समीक्षा कर रहे हैं।’’

भाषा देवेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल