rahul gandhi/ image source: RAHUL GANDHI X HANDLE
नई दिल्ली: कुछ दिनों पहले भारत के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई। दरअसल, US India Trade Deal के तहत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ कम कर दिया है। भारत पर लगाए जाने वाले 25% टैरिफ को घटाकर 18% किया। अब भारत और अमेरिका के बीच केवल 18 फीसदी टैरिफ है। इस बात का ऐलान खुद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर दी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसपर खुशई जताई है। बताते चलें कि भारत पर 50% अमेरिकी टैरिफ बीते 27 अगस्त से लागू है। बताते चलें कि भारत पर 50% अमेरिकी टैरिफ बीते 27 अगस्त से लागू है। वहीं, इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर लोकसभा में बोला। जिसपर अब राहुल गांधी ने पलटवार किया है।
दरअसल, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। राहुल गांधी ने लिखा कि, 18% टैरिफ बनाम 0% – आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं। बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है – शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें। भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया – “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।” आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई? और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है – या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल? अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा। और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है। भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना। एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स – दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती। लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।
18% टैरिफ बनाम 0% – आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।
बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0%… pic.twitter.com/F4hi4OCHFj
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 14, 2026
वहीं, कांग्रेस की तरफ से एक और पोस्ट जारी किया गया जिसमें राहुल गांधी द्वारा कहा गया कि, ‘हिंदुस्तान का टेक्सटाइल सेक्टर करीब 5 करोड़ परिवारों को रोजगार देता है। मगर नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील की है, वह देश के टेक्सटाइल सेक्टर को तबाह कर देगी। मैंने ये बात संसद में भी उठाई कि बांग्लादेश को 0% और भारत पर 18% टैरिफ का नतीजा ये होगा कि बांग्लादेश टेक्सटाइल इंडस्ट्री, हमारे देश की इंडस्ट्री को ख़त्म कर देगी। मोदी सरकार के मंत्री ने कहा- अगर हम US से कॉटन इम्पोर्ट करेंगे तो हमें भी फायदा होगा, लेकिन सच्चाई है कि हमारे देश का कॉटन देश की टेक्सटाइल मिल्स को चलाता है और बांग्लादेश भी जाता है। अगर हमने बांग्लादेश का रास्ता चुना तो हमारे कपास के किसान, कॉटन इंडस्ट्री ख़त्म हो जाएगी और नहीं चुना तो टेक्सटाइल इंडस्ट्री ख़त्म हो जाएगी। यही ट्रेड डील की असली सच्चाई है, इसलिए पीयूष गोयल जी झूठ मत बोलिए। ये डील देश को सिर्फ नुकसान ही देगी’।