नई दिल्ली: KCC Loan Interest Rateभारत सदियों से कृषि प्रधान देश रहा है, यहां की आधी से अधिक आबादी कृषि पर आधारित है। ऐसे में सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चलाती जो उन्हें कृषि कार्य में मदद करते हैं। सरकार की ओर से चलाई जाने वाली योजनाएं आर्थिक ही नहीं अन्य तरह की भी होती है। वहीं, किसान क्रेडिट कार्ड भी अन्नदाताओं के लिए बेहद अहम रोल अदा करती है। केसीसी के माध्यम से किसान कम ब्याज दर पर पैसे का आहरण कर सकते हैं और तय समय पर भुगतान कर सकते हैं। किसानों को और अधिक फायदा पहुंचाने के लिए आरबीआई ने केसीसी के कुछ नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है।
KCC Loan Interest Rate भारतीय रिज़र्व बैंक की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि ”विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य के भाग के रूप में, यह घोषणा की थी कि कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों संबंधी दिशा-निर्देशों को समेकित करते हुए, केसीसी पर संशोधित दिशा-निर्देशों को जारी करने का प्रस्ताव है, ताकि कवरेज का विस्तार, परिचालनगत पहलुओं का सुव्यवस्थापन और आगामी आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। तदनुसार, निम्नलिखित मसौदा निदेशों पर जनसामान्य से अभिमत आमंत्रित किए जा रहे हैं।”
वाणिज्यिक बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना
लघु वित्त बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना
ग्रामीण सहकारी बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना
केसीसी योजना में प्रमुख बदलाव
ऋण स्वीकृति और चुकौती कार्यक्रमों में एकरूपता लाने के लिए, फसल-मौसम को महीनों अर्थात कम अवधि वाली फसल (12 महीने) और दीर्घ अवधि वाली फसल (18 महीने) के संदर्भ में मानकीकृत किया गया है।
फसल मौसम के साथ, विशेष रूप से लंबी अवधि की फसलों के लिए, ऋण अवधि का उचित सामंजस्य सुनिश्चित करने हेतु, केसीसी की अवधि को 6 वर्ष तक बढ़ाया गया है।
किसानों को, कृषि की वास्तविक लागत के आधार पर, पर्याप्त ऋण प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए केसीसी के अंतर्गत आहरण सीमा को प्रत्येक फसल-मौसम के वित्त-स्तर के साथ संरेखित किया गया है।
किसानों को, भूमि परीक्षण, तत्काल मौसम पूर्वानुमान और जैविक/हितकारी कृषि प्रथाओं के प्रमाणन आदि जैसी तकनीकी आवश्यकताओं के लिए वित्त प्राप्त करने में सक्षम बनाने हेतु, ऐसे व्यय को, कृषि आस्तियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए, 20% अतिरिक्त घटक के भीतर पात्र घटकों के रूप में जोड़ा गया है।
RBI ने कमर्शियल बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और ग्रामीण बैंकों के लिए यह गाइडलाइन जारी की है और विनियमित संस्थाओं, किसानों और अन्य हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी है। यह प्रतिक्रियाएं 6 मार्च, 2026 को या उससे पहले आरबीआई की वेबसाइट पर ‘कनेक्ट 2 रेगुलेट’ के जरिए या ईमेल से भेजी जा सकती हैं।
पहले केसीसी 5 साल के लिए होता था, अब इसे 6 साल कर दिया गया है। इससे किसानों को बार-बार नवीनीकरण (Renewal) की कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी और ऋण चुकाने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा।
मिट्टी परीक्षण और मौसम पूर्वानुमान के लिए पैसा कैसे मिलेगा?
आरबीआई ने केसीसी लिमिट के भीतर 'मरम्मत और रखरखाव' के लिए निर्धारित 20% अतिरिक्त बजट में इन तकनीकी कार्यों को भी जोड़ दिया है। किसान अब इस फंड का उपयोग आधुनिक कृषि तकनीक के लिए कर सकते हैं।
क्या ब्याज दरों में भी कोई बदलाव हुआ है?
नोटिफिकेशन में फिलहाल नियमों और संचालन (Operations) के मानकीकरण पर जोर दिया गया है। सब्सिडी वाली ब्याज दरें (3-4% प्रभावी दर) सरकार की मौजूदा नीति के अनुसार जारी रहने की उम्मीद है।
12 महीने और 18 महीने के नियम का क्या मतलब है?
यह ऋण चुकाने की अवधि तय करता है। यदि आप धान/गेहूं (छोटी अवधि) उगाते हैं, तो हिसाब 12 महीने में होगा। यदि गन्ना (लंबी अवधि) जैसी फसल है, तो भुगतान के लिए 18 महीने का मानक समय मिलेगा।
क्या यह नियम पुराने केसीसी कार्ड धारकों पर भी लागू होंगे?
हाँ, एक बार अंतिम निर्देश जारी होने के बाद, बैंकों को पुराने और नए सभी खातों को इन दिशा-निर्देशों के अनुसार अपडेट करना होगा।