Vande Bharat: रुपया हुआ ‘लाचार’, इतिहास में सबसे बेकार! 95.94 का निचला स्तर, डॉलर के आगे क्यों ढेर हुआ रुपया?

Indian Economy News: भारतीय करेंसी में ऐतिहासिक गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रुपया डॉलर के मुकाबले 30 पैसे और टूटकर 95.94 के ऑल टाइम लो पर बंद हुआ।

Vande Bharat: रुपया हुआ ‘लाचार’, इतिहास में सबसे बेकार! 95.94 का निचला स्तर, डॉलर के आगे क्यों ढेर हुआ रुपया?

Indian Economy News/Image Credit: AI

Modified Date: May 15, 2026 / 11:58 pm IST
Published Date: May 15, 2026 11:57 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भारतीय करेंसी में ऐतिहासिक गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
  • रुपया डॉलर के मुकाबले 30 पैसे और टूटकर 95.94 के ऑल टाइम लो पर बंद हुआ।
  • मार्केट एक्सपर्ट्स इसके पीछे 5 बड़े कारण मान रहे हैं।

Indian Economy News: नई दिल्ली: भारतीय करेंसी में ऐतिहासिक गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रुपया डॉलर के मुकाबले 30 पैसे और टूटकर 95.94 के ऑल टाइम लो पर बंद हुआ। ठीक एक दिन पहले यानी गुरुवार को भी रुपए ने 95.64 का रिकॉर्ड निचला स्तर छुआ था।

जरा सोचिए, जिस रुपए की शुरुआत आजादी के वक्त डॉलर के मुकाबले बराबरी के आस-पास थी, उसका सफर आज कहां पहुंच गया है।

साल 1947 में एक डॉलर की कीमत थी महज 4 रुपए।
1983 आते-आते यह 10 रुपए हुई।
1991 के आर्थिक सुधारों के वक्त यह 20 रुपए और 1993 में 30 रुपए पर पहुंची।
इसके बाद साल 1998 में 40, 2012 में 50 और 2014 में यह 60 रुपए प्रति डॉलर हो गई।
पिछले कुछ सालों में यह गिरावट और तेज हुई। 2018 में 70, 2022 में 80 और दिसंबर 2025 में यह 90 रुपए के पार निकल गई।
और आज यानी मई 2026 में रुपया 95.94 के साथ इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।

Indian Economy News:  लेकिन सवाल है कि आखिर रुपया इतनी तेजी से क्यों गिर रहा है? (Indian Economy News) मार्केट एक्सपर्ट्स इसके पीछे 5 बड़े कारण मान रहे हैं।

मिडिल ईस्ट का तनाव:

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के हालातों ने होर्मुज रूट में सप्लाई ठप होने का डर पैदा कर दिया है। (Indian Economy News)  सुरक्षित निवेश के लिए दुनिया भर के निवेशक डॉलर की तरफ भाग रहे हैं।

कच्चे तेल की आग:

Indian Economy News:  भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा क्रूड ऑयल इम्पोर्ट करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। तेल खरीदने के लिए भारत को ज्यादा डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं।

मजबूत डॉलर इंडेक्स:

दुनिया की 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला डॉलर इंडेक्स 99.05 पर पहुंच चुका है, (Indian Economy News) जिससे रुपया और बाकी एशियाई करेंसी पस्त हैं।

विदेशी निवेशकों की भगदड़:

Indian Economy News:  विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। (Indian Economy News)  सिर्फ बुधवार को ही FIIs ने 4,700 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे।बाजार से डॉलर बाहर जाने से रुपए की वैल्यू घट रही है।

बढ़ती महंगाई:

देश में थोक महंगाई दर (WPI) साढ़े तीन साल के उच्चतम स्तर पर है। महंगे तेल की वजह से देश में ‘इंपोर्टेड इन्फ्लेशन’ यानी आयातित महंगाई का खतरा बढ़ गया है।

Indian Economy News:  बाजार के जानकारों का साफ कहना है कि, अगर जियोपॉलिटिकल तनाव जल्द खत्म नहीं हुआ (Indian Economy News)  और कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो वो दिन दूर नहीं जब रुपया 100 के स्तर को भी पार कर जाएगा। ऐसा होने पर पेट्रोल-डीजल से लेकर विदेशों से आने वाली हर चीज महंगी हो जाएगी।

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