लेटलतीफी के आरोपों से बचने रेलवे ने बढ़ाया ट्रेनों का रन टाइम
लेटलतीफी के आरोपों से बचने रेलवे ने बढ़ाया ट्रेनों का रन टाइम
नई दिल्ली। ट्रेनों की लेट लतीफी के आरोपों से बचने के लिए भारतीय रेल ने करीब 300 ट्रेनों के रन टाइम को रेलवे बोर्ड से अनुमति लिए बिना ही आधिकारिक तौर पर बढ़ा दिया है। नॉर्थ रेलवे ने 95, साउथ रेलवे ने 92 जबकि ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने 88 ट्रेनों का रन टाइम बढ़ाया है। 15 मिनट से लेकर 1 घंटे तक का समय बढ़ाया है, जो कि ट्रेन के आखिरी स्टेशन पहुंचने का नया समय माना जाएगा। रन टाइम बढ़ाने वाले ये जोन दावा कर रहे हैं कि इसके लिए रेल मंत्री से अनुमति ले ली गई है।
बता दें कि ट्रेनों की लेट लतीफी भारतीय रेल के लिए लंबे समय से परेशानी का सबब बना हुआ है। वर्तमान में यह स्थिति है कि सिर्फ 65% ट्रेनें ही समय पर चल पा रही हैं। रन टाइम बढ़ा देने से जो ट्रेन लेट चल रही थीं, वे भी अब देर से पहुंचने के बाद भी राइट टाइम ही दिखेंगी। यह व्यवस्था 12 जुलाई से लागू की जा चुकी है।
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हालांकि कहा जा रहा है कि जोनल स्तर पर लागू कर लिए गए इस बदलाव से रेलवे बोर्ड काफी नाराज है। बता दें कि कुछ समय पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के ‘मिशन रफ्तार‘ के बारे में घोषणा की थी। इसके मुताबिक रेलवे का लक्ष्य अगले 5 साल में ट्रेनों की स्पीड को 25 किलोमीटर तक बढ़ाना है। इसके लिए हर साल ट्रेनों की स्पीड को 5 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाया जाना था। लेकिन अब ट्रेनों के रन टाइम को इस तरह बढ़ा देने से रेलवे के मिशन रफ्तार को झटका लगा है।
वेब डेस्क, IBC24

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