भारत का कर्ज-जीडीपी अनुपात घटकर 58.2 प्रतिशत हुआ
भारत का कर्ज-जीडीपी अनुपात घटकर 58.2 प्रतिशत हुआ
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि देश का कर्ज-सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अनुपात पिछले वित्त वर्ष के 58.5 प्रतिशत के मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर 58.2 प्रतिशत (अनंतिम) पर आ गया है।
वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2026 तक केंद्र का कुल कर्ज़ 201.17 लाख करोड़ रुपये (अनंतिम) था।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद, राजस्व प्राप्तियों के मुकाबले ब्याज भुगतान का अनुपात 2020-21 में 41.6 प्रतिशत था जो 2025-26 में घटकर 37.6 प्रतिशत (अनंतिम) हो गया।
मंत्री ने कहा कि यह भी जिक्र किया जा सकता है कि 2026-27 में, 17.15 लाख करोड़ रुपये का प्रभावी पूंजीगत व्यय 16.96 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे से ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि उधार का इस्तेमाल पूरी तरह से संपत्ति निर्माण के लिए किया जाता है।
चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार पर कर्ज़ का बोझ वित्त वर्ष 2025-26 के 211.06 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले वित्त वर्ष 2026-27 में 228.27 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
भाषा अविनाश अजय
अजय

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