लखीमपुर खीरी (उप्र), 21 अगस्त (भाषा) लखीमपुर खीरी जिले में 3,080 करोड़ रुपये के निवेश से बन रहे भारत के पहले बायोपॉलीमर संयंत्र (जैव बहुलक संयंत्र) के अक्टूबर में चालू होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 फरवरी, 2025 को गोला गोकर्णनाथ में बलरामपुर चीनी मिल्स की कुंभी चीनी इकाई में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। इस दौरान, आदित्यनाथ ने कहा था कि यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा देगी और इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी (डीएम) अंजनी कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन संयंत्र का निरीक्षण किया और अक्टूबर में इसकी प्रस्तावित शुरुआत से पहले उसकी प्रगति की समीक्षा की। सिंह ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उगाए गए गन्ने से लेकर पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) आधारित बायोप्लास्टिक बनाने तक की पूरी निर्माण प्रक्रिया एक ही परिसर में होगी।
उन्होंने कहा, ‘यह अग्रणी परियोजना खीरी के कृषि-आधारित औद्योगिक विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी और क्षेत्र में सतत और पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देगी।’
निरीक्षण के दौरान, संयंत्र के अधिकारियों ने सुविधा के लेआउट और उत्पादन के विभिन्न चरणों पर एक प्रस्तुति दी। डीएम ने गन्ने को चीनी और फिर पीएलए बायोप्लास्टिक में बदलने की प्रक्रिया की जांच की और तकनीकी पहलुओं तथा उत्पादन कार्य के बारे में जानकारी मांगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस सुविधा की एक बड़ी खासियत इसका जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) सिस्टम है, जिसे यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि कोई भी हानिकारक तरल कचरा नदियों या नालियों में न बहाया जाए।
यूनिट हेड ललित जैन, मुख्य तकनीकी अधिकारी शिवेश सिंह और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) युगांतर त्रिपाठी के साथ, डीएम ने संयंत्र का दौरा किया और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इस परियोजना को इसकी अक्टूबर की समय-सीमा में पूरा किया जाए।
भाषा सं आनन्द मनीषा
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