CSP Neha Pachisia suspended: एयर होस्टेस से CSP बनीं नेहा पच्चीसिया सस्पेंड, हमेशा विवादों से रहा नाता, अब इस मामले में सीएम ने लिया बड़ा एक्शन /image: Social Media
भोपाल। CSP Neha Pachisia Suspended: मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव (Mohan Yadav Action) ने कड़ा एक्शन लेते हुए हुए कटनी जिले की सीएसपी नेहा पच्चीसिया (Katni CSP Neha Pachisia Suspended) को निलंबित कर दिया है। नेहा पर दबाव बनाकर 82 लाख रुपये की जमीन लगभग 18 लाख रुपये में डील कराने का आरोप है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कटनी में सामने आए गंभीर प्रकरण को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को संबंधित CSP के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के…
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) August 21, 2026
जबलपुर IG प्रमोद वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच में CSP नेहा के ख़िलाफ़ पुख्ता सबूत मिले है, हत्या के आरोपी को बचाने CSP नेहा ने 15 लाख रु
मांगे थे और 15 लाख न होने पर हत्या के आरोपी की ज़मीन हड़पी थी। IG ने बताया कि CSP नेहा ने 1 करोड़ रु की ज़मीन की रजिस्ट्री करवाई। लौटाने की बजाय 85 लाख रु हड़प लिए गए थे। CSP नेहा पच्चीसिया का ऑफिस सील कर दिया गया है। मामले में नेहा सहित 3 आरोपियों पर धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र की धाराओं में FIR दर्ज की है।
कटनी में नगर पुलिस अधीक्षक CSP नेहा पच्चीसिया (CSP Neha Pachisia) को निलंबित कर दया गया है। 82 लाख रुपये से अधिक कीमत की जमीन महज 18 लाख 20 हजार रुपये में खरीदे जाने के आरोपों को लेकर CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ कुठला थाने में FIR दर्ज की गई है। मामले में क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि जमीन के सौदे में पद के प्रभाव का इस्तेमाल, दबाव और आपराधिक सांठगांठ की गई। वहीं जांच में सामने आए बैंक ट्रांजैक्शन ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
CSP Neha Pachisia Suspended पूरा मामला कुठला थाना क्षेत्र के खसरा नंबर 2618/1 की जमीन से जुड़ा है। जांच के मुताबिक सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत करीब 82 लाख 86 हजार 930 रुपये थी, लेकिन इसकी रजिस्ट्री महज 18 लाख 20 हजार रुपये में किए जाने का आरोप है। दस्तावेजों में 15 लाख रुपये चेक और 3 लाख 20 हजार रुपये नकद भुगतान दर्शाया गया है। मामले की जांच में बैंक खातों के लेनदेन को भी अहम माना गया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक जमीन के खरीदार मारूफ अहमद के खाते में रजिस्ट्री के दिन अचानक 15 लाख रुपये ट्रांसफर हुए। इनमें 10 लाख रुपये शाइन पार्टनर्स और 5 लाख रुपये क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से आने की बात सामने आई है। जांच में दोनों खातों के एक ही PAN से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है।
वहीं शिकायतकर्ता परिवार ने जमीन बेचने के लिए दबाव बनाए जाने और धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं। आरोप है कि जमीन का सौदा नहीं करने पर परिवार पर आपराधिक मामलों का दबाव बनाया गया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। बताया जा रहा है कि मामले की प्रारंभिक जांच जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल ने की थी। भोपाल सतर्कता शाखा से शिकायत जबलपुर जोन पहुंचने के बाद बैंक खातों, जमीन के दस्तावेज और लेनदेन की जांच की गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कुठला थाने में FIR दर्ज की गई। फिलहाल पुलिस ने मामले में विवेचना शुरू कर दी है। बैंक ट्रांजैक्शन, जमीन के दस्तावेज, नामांतरण प्रक्रिया और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
आपको बता दें कि सीएसपी नेहा पच्चिसीया अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। इससे पहले उन पर एक ट्रांसपोर्टर ने 30 हजार रु की अवैध वसूली का आरोप लगाए हुए एसपी से शिकायत की थी। इसके बाद एसपी ने सीएसपी नेहा पच्चीसिया से तीन थानों का प्रभार वापस ले लिया था। हालांकि, बाद में ट्रांसपोर्टर ने शिकायत वापस ले ली थी।
CSP Neha Pachisia Suspended राजगढ़ जिले की पचोर तहसील से आने वाली मध्यमवर्गीय परिवार की चार बहनों में सबसे बड़ी बेटी नेहा पच्चीसिया की कहानी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। नेहा ने 12वीं के बाद एविएशन का कोर्स किया और एयर इंडिया में एयर होस्टेस बनीं। लेकिन कुछ साल बाद नौकरी छोड़ दी और 2012 से 2016 तक तैयारी के बाद उन्होंने 2016 में MPPSC में 20वीं रैंक हासिल की और डीएसपी पद चुना।
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