नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 20 जुलाई को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के छर्रों से घायल हुए 19 वर्षीय साहिल लोचब के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर शुक्रवार को संसद मार्ग स्थित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कार्यालय के बाहर धरना दिया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी साहिल लोचब, उनके परिवार और वकीलों के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने पुलिस से जांच अधिकारी (आईओ) का नंबर उपलब्ध कराने की मांग भी की।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज साहिल लोचब के साथ, उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने संसद मार्ग के डीसीपी कार्यालय पहुंचा।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी एक आंख की रोशनी खतरे में है।
राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी कार्रवाई ‘‘गंभीर अपराध’’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि साहिल न्याय के लिए प्राथमिकी दर्ज कराना चाहते हैं, लेकिन उन्हें ऐसा करने नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज होगी, न्यायिक जांच होगी और ‘‘ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।’’
राहुल गांधी के धरने के समर्थन ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर नारेबाजी की।
सूत्रों ने बताया कि साहिल लोचब अपने वकीलों के साथ 14 अगस्त को दिल्ली पुलिस के पास गए थे और लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उन्हें जांच अधिकारी का नंबर नहीं दिया गया। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के माध्यम से भी मामले को उठाया गया, लेकिन शिकायत की पावती नहीं दी गई और आईओ का संपर्क नंबर भी उपलब्ध नहीं कराया गया।
शुक्रवार को राहुल गांधी के साहिल के साथ पुलिस के पास पहुंचने के बाद भी डीसीपी कार्यालय ने जांच अधिकारी का नंबर उपलब्ध नहीं कराया। इसके बाद राहुल गांधी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकी दर्ज होने तक वह डीसीपी कार्यालय के बाहर से नहीं जाएंगे।
लोचब और उनके परिवार का आरोप है कि दिल्ली में छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई में पैलेट गन के छर्रे लगने से साहिल घायल हुए थे। राहुल गांधी ने जुलाई में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में साहिल को मीडिया के सामने पेश किया था।
साहिल की दाईं आंख में गंभीर चोट आई थी और उनके परिवार की ओर से दावा किया गया था कि चोट के कारण उनकी आंख की रोशनी जाने का खतरा है।
भाषा हक प्रचेता मनीषा
मनीषा