नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) इंडिगो की मैनचेस्टर जाने वाली एक उड़ान सोमवार को इरिट्रिया के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने पर लगे कुछ प्रतिबंधों के कारण दिल्ली लौट आई। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
यह उड़ान लीज पर लिए गए बोइंग 787 विमान से संचालित हो रही थी।
विमानन कंपनी इंडिगो ने एक बयान में कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति के कारण अंतिम समय में हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से दिल्ली से मैनचेस्टर जाने वाली हमारी उड़ान 6ई 033 को अपने मूल स्थान पर लौटना पड़ा। हम संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर यात्रा फिर से शुरू करने की संभावनाओं का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
सूत्रों ने बताया कि इरिट्रिया के अधिकारियों से कुछ मंजूरी संबंधी समस्याएं थीं, और जोखिम मूल्यांकन के बाद यह निर्णय लिया गया कि उड़ान दिल्ली लाई जाए। इरिट्रिया एक अफ्रीकी देश है।
यह एयरलाइन एथेंस को छोड़कर लंदन समेत अन्य यूरोपीय शहरों के लिए उड़ानें संचालित करती है और इसके लिए नॉर्वे की नॉर्स अटलांटिक एयरवेज से लीज पर लिए गए बोइंग 787-9 विमानों का इस्तेमाल करती है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के मद्देनजर नियामक ‘यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी’ (ईएएसए) ने अपने साथ पंजीकृत विमानों, जिनमें नॉर्स अटलांटिक के विमान भी शामिल हैं, को पश्चिम एशिया के कुछ हवाई क्षेत्रों, जिनमें सऊदी अरब भी शामिल है, में उपयोग से प्रतिबंधित कर दिया है।
इसके परिणामस्वरूप, इंडिगो अब यूरोप में प्रवेश करने के लिए अफ्रीका के रास्ते लंबा उड़ान मार्ग अपना रही है। एयरलाइन की उड़ान यूरोप में प्रवेश करने से पहले अरब सागर, इथियोपिया, इरिट्रिया, लाल सागर और मिस्र के ऊपर से उड़ान भरती है।
एथेंस के लिए उड़ानें इंडिगो के ए321 एक्सएलआर विमानों द्वारा संचालित की जाती हैं। आम तौर पर भारतीय विमानन कंपनियां यूरोप के लिए उड़ानें संचालित करने के लिए सऊदी अरब सहित पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्रों का उपयोग करती हैं।
इंडिगो ने अपने बयान में यह भी कहा कि पश्चिम एशिया और उसके आसपास की बदलती स्थिति के कारण उसकी कुछ उड़ानों को लंबे मार्ग अपनाने पड़ सकते हैं या उड़ान के मार्ग में परिवर्तन करना पड़ सकता है।
भाषा संतोष नरेश
नरेश