Home » Chhattisgarh » Safety Concerns Rise at Satrenga Tourist Spot After Bargi Dam Tragedy
Satrenga Tourist Safety News : “सब कुछ भगवान भरोसे!” बरगी हादसे के बाद छत्तीसगढ़ के गोवा का खौफनाक सच, बिना सुरक्षा के सैलानियों की जिंदगी पर ऐसे लगा रहे दांव
Ads
बरगी डैम हादसे के बाद कोरबा के सतरेंगा पर्यटन स्थल पर सुरक्षा की भारी कमी उजागर हुई है, जहां संसाधन बदहाल हैं और सैलानियों की जान जोखिम में बनी हुई है।
कोरबा: Jabalpur Bargi Dam Incident जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में जहां कई लोगों की जान चली गई, वहीं कई अब भी लापता हैं। इसी घटना के बाद जब कोरबा जिले के “छत्तीसगढ़ का गोवा” कहे जाने वाले सतरेंगा पर्यटन स्थल का जायजा लिया गया, तो यहां भी लापरवाही की तस्वीरें सामने आईं।
5 साल के भीतर ही अधिकांश संसाधन बदहाल
सतरेंगा, जो बांगो बांध के डूबान क्षेत्र में विकसित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, वहां पर्यटन मंडल द्वारा वर्षों पहले 8 स्पीड बोट और एक फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के संचालन की जिम्मेदारी ठेके पर दी गई थी। Satrenga Tourist Safety News लेकिन महज 5 साल के भीतर ही अधिकांश संसाधन बदहाल हो चुके हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि 8 में से केवल एक 6-सीटर स्पीड बोट ही किसी तरह चालू हालत में है, जबकि बाकी बोट मरम्मत के अभाव में बंद होकर कबाड़ बनती जा रही हैं।
“सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है”
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जहां सरकारी स्तर पर सुविधाएं ठप हैं, वहीं स्थानीय ग्रामीण अपने निजी मोटर बोट से सैलानियों को बांगो बांध के डूबान क्षेत्र में नौकायन करा रहे हैं। Boat Accident News इन नावों में न तो लाइफ जैकेट की अनिवार्यता है, न ही कोई प्रशिक्षित सुरक्षा व्यवस्था। खुद नाविकों का कहना है कि “सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है।” हर सप्ताह सतरेंगा में रायगढ़, बिलासपुर और आसपास के जिलों से सैकड़ों सैलानी पहुंचते हैं, जबकि रविवार और छुट्टियों के दिन यह संख्या हजारों में पहुंच जाती है।
सैलानियों ने प्रशासन से की मांग
ऐसे में किसी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सैलानियों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां सुरक्षा मानकों को तत्काल लागू किया जाए, बंद पड़ी स्पीड बोट को जल्द चालू किया जाए और प्रशिक्षित लाइफगार्ड व आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बरगी डैम हादसे के बाद यह साफ हो गया है कि अगर समय रहते लापरवाही नहीं रोकी गई, तो सतरेंगा जैसे पर्यटन स्थल पर भी बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन चेतता है या फिर किसी अनहोनी का इंतजार किया जाएगा।