बच्चों को संगीत व ताइक्वांडो की कक्षाओं में भेजने के बजाय उनसे रिश्ता प्रगाढ़ करें:न्यायालय
बच्चों को संगीत व ताइक्वांडो की कक्षाओं में भेजने के बजाय उनसे रिश्ता प्रगाढ़ करें:न्यायालय
नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अभिभावकों से कहा कि बच्चों को संगीत और ताइक्वांडो जैसी बहुत सी कक्षाओं में भेजने के बजाय उनके लिए कुछ समय निकालें और उनसे बातचीत करें।
बच्चे की अभिरक्षा से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने बच्चों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाने के लिए उन्हें स्कूल के बाद की कई गतिविधियों में प्रवेश दिलाने पर अभिभावकों से सवाल किया।
न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा, “अभिभावकों को बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए, उन्हें अच्छे शिष्टाचार और तौर-तरीके सिखाने चाहिए, खासकर लड़कों को। उन्हें यह सिखाना चाहिए कि लड़कियों और महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करना है।
न्यायालय की इस टिप्पणी पर एक पक्ष की ओर से पेश वकील ने कहा कि ऐसी कक्षाएं अत्यधिक प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए बच्चे के सर्वांगीण विकास में मदद करती हैं।
इस पर न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा, “बहुत सारी कक्षाएं भी बच्चों के लिए अच्छी नहीं हैं। अभिभावकों को बस उनके साथ बैठकर बात करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “वे बेहतर बच्चे बनेंगे और उनके साथ आपका संवाद भी बेहतर होगा। उन्हें कला, संगीत या ताइक्वांडो जैसी कक्षाओं में भेजने के बजाय उनके साथ खुद समय बिताएं।”
भाषा
राखी पवनेश
पवनेश

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