निवेशकों के साथ धोखाधड़ी मामला: एसआरएस के दो प्रवर्तक भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित

निवेशकों के साथ धोखाधड़ी मामला: एसआरएस के दो प्रवर्तक भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित

निवेशकों के साथ धोखाधड़ी मामला: एसआरएस के दो प्रवर्तक भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित
Modified Date: January 17, 2026 / 10:36 pm IST
Published Date: January 17, 2026 10:36 pm IST

गुरुग्राम, 17 जनवरी (भाषा) गुरुग्राम की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने फरीदाबाद स्थित रियल एस्टेट कंपनी एसआरएस के दो प्रवर्तकों को निवेशकों एवं फ्लैट खरीदारों के साथ 2,200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े मामले में भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि विशेष न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा की अदालत ने सुनील जिंदल और जितेंद्र कुमार गर्ग को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के प्रावधानों के तहत 15 जनवरी को एफईओ घोषित किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के मुताबिक, जिंदल फिलहाल दुबई में, गर्ग जॉर्जिया में हैं। इंटरपोल ने ईडी के अनुरोध पर कंपनी के एक अन्य निदेशक प्रवीण कुमार कपूर के साथ-साथ जिंदल के खिलाफ भी रेड नोटिस जारी किया है।

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विशेष अदालत ने जून 2025 में इन तीनों को भगोड़ा घोषित किया था।

कपूर को पिछले साल नवंबर में इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। वह वर्तमान में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जेल में बंद है।

‘पीटीआई-भाषा’ के पास उपलब्ध विशेष अदालत के आदेश की प्रति के अनुसार, “…इस बात को ध्यान में रखते हुए कि आरोपी सुनील जिंदल और जितेंद्र कुमार गर्ग भगोड़ा अधिनियम की धारा-10 के तहत निर्धारित समन की विधिवत तामील के बावजूद इस अदालत में पेश होने में विफल रहे हैं, इसलिए प्रतिवादी जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनील जिंदल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 की धारा-12(1) के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाता है…।”

एसआरएस समूह और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ धन शोधन का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अलावा हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज 81 प्राथमिकी पर आधारित है।

आरोप है कि एसआरएस समूह के प्रवर्तकों और अधिकारियों ने विभिन्न आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं में निवेश पर उच्च रिटर्न का वादा करके निवेशकों को लुभाया।

ईडी के मुताबिक, “इस तरह के निवेश से प्राप्त धनराशि एसआरएस ग्रुप की ओर से बनाई गई सैकड़ों फर्जी कंपनियों में जमा की गई और बाद में धन शोधन के जरिये बाहर भेज दी गई।”

एफईओ घोषित किए जाने के बाद ईडी अब दोनों आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर सकेगी।

भाषा पारुल माधव

माधव


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