नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल और गैस की ढुलाई में आई बाधाओं के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरान ने कहा कि समस्या का मूल कारण वाशिंगटन की ‘‘अस्थिरता पैदा करने वाली कार्रवाइयां’’ हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी कर विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच मंगलवार रात फोन पर हुई वार्ता का विवरण प्रदान करते हुए यह बात कही।
इसमें कहा गया है कि अराघची ने जयशंकर को पिछले 11 दिनों में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए ‘‘अपराधों’’ का विस्तृत विवरण प्रदान किया, जिसमें मीनाब शहर में बालिका विद्यालय पर मिसाइल हमला और उसके बाद नागरिक ठिकानों पर हमले शामिल हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि अराघची ने ईरान की अखंडता की व्यापक रूप से रक्षा करने के ईरान के दृढ़ संकल्प पर जोर दिया।
इसमें कहा गया है कि दोनों विदेश मंत्रियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों की आवाजाही में आई बाधाओं से उपजे हालात पर भी चर्चा की। ईरानी विदेश मंत्रालय ने जलडमरूमध्य से कच्चे तेल और गैस की ढुलाई में आई बाधाओं के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
ईरान की ओर से जारी विज्ञप्ति में अमेरिका और इजराइल के ‘‘आक्रामक कृत्य को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत सिद्धांतों और नियमों का उल्लंघन’’ बताया गया है।
इसमें कहा गया है कि सभी सरकारों का यह दायित्व है कि वे ‘‘इस सैन्य आक्रामकता और खुलेआम तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने’’ की निंदा करें।
भाषा शफीक देवेंद्र
देवेंद्र